बहुजन समाज पार्टी (बसपा) गवर्नमेंट में मंत्री रहे याकूब कुरैशी को अरैस्ट कर लिया गया है. पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी के साथ उनके बेटे इमरान को भी अरैस्ट किया गया है. याकूब कुरैशी की दिल्ली के चांदनी महल थाना क्षेत्र से गिरफ्तारी हुई है. बता दें कि गैर कानूनी मीट प्लांट संचालन के मुद्दे में याकूब और उनके बेटे इमरान पर 50 -50 हजार का पुरस्कार रखा गया था. अब इस मुद्दे में मेरठ की थाना खरखौदा पुलिस ने पूर्व मंत्री को बेटे समेत अरैस्ट किया है. याकूब कुरैशी के ऊपर 174A आईपीसी के भीतर भी केस दर्ज है.
100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क
बता दें कि गैंगस्टर एक्ट के अनुसार याकूब एंड फैमिली की करोड़ों की संपत्ति कुर्क की गई है. बीएसपी के पूर्व मंत्री याकूब कुरैशी की देर रात गिरफ्तारी हुई है. उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष जुलाई में मेरठ जिला प्रशासन ने यूपी के पूर्व मंत्री और बसपा (बसपा) के वरिष्ठ नेता हाजी याकूब कुरैशी की 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति कुर्क कर ली थी.
अवैध मीट प्लांट संचालन मुद्दे में विद फैमिली नामज़द
पुलिस ने तब बताया था कि 31 मार्च 2022 को हापुड़ रोड स्थित कुरैशी की फैक्ट्री अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड में पुलिस-प्रशासन और कई अन्य विभागों की संयुक्त कार्रवाई में करीब पांच करोड़ रुपये मूल्य का गैर कानूनी मांस पकड़ा गया था. पुलिस ने गैर कानूनी ढंग से मांस की पैकिंग करते 10 कर्मचारियों को रंगे हाथ अरैस्ट किया था. गैर कानूनी मीट प्लांट संचालन के मुकदमे में याकूब कुरैशी, उनकी पत्नी संजीदा बेगम, बेटे इमरान और फिरोज समेत 17 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया था. कुरैशी के घर पर कुर्की वारंट चस्पा किया गया था, जिसमें आदेश दिया था कि कुरेशी अपने परिवार के साथ न्यायालय में पेश हो जाएं, लेकिन उन्होंने कोई उत्तर नहीं दिया. इस दौरान 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति पुलिस ने कुर्क कर ली थी.
विवादों से याकूब कुरैशी का पुराना नाता
बसपा के पूर्व मंत्री हाजी याकूब कुरैशी का विवादों से पुराना नाता रहा है. उन्होंने 2006 में पैगंबर मोहम्मद का कार्टून बनाने वाले डेनमार्क के कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने वाले को 51 करोड़ का पुरस्कार देने की घोषणा की थी. कुरैशी ने पेरिस में फ्रांसीसी मैगजीन शार्ली एबदो के कार्यालय पर हुए हमले को भी ठीक ठहराया था. उन्होंने तब बोला था कि इस्लाम धर्म और पैगंबर-ए-इस्लाम मोहम्मद साहिब की शान में गुस्ताखी किसी भी सूरत में माफ नहीं की जा सकती. इतना ही नहीं, याकूब ने मैगजीन के कार्यालय पर हमला करने वालों को भी 51 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी.