नई दिल्ली। संसद का शीतकालीन सत्र बुधवार से प्रारम्भ होने वाला है। इस सत्र में केंद्र गवर्नमेंट को घेरने के लिए विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने खास तौर से तीन मामले उठाएगी। कांग्रेस पार्टी के संचार प्रभारी महासचिव जयराम रमेश ने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके यह जानकारी दी। उन्होंने बोला कि ‘पार्टी शीतकालीन सत्र में भारत-चीन सीमा तनाव, महंगाई और राष्ट्र में संवैधानिक और स्वतंत्र संस्थानों के कामकाज में हस्तक्षेप को लेकर मोदी गवर्नमेंट से प्रश्न पूछेगी।’ कांग्रेस पार्टी सांसद ने साथ ही बोला कि ‘हम केवल आलोचना के लिए बहस नहीं चाहते हैं।’
कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी के आवास पर शनिवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की बैठक हुई, जिसमें कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता अधीर रंजन चौधरी और राज्यसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक जयराम रमेश सहित कुछ अन्य वरिष्ठ नेता शामिल हुए। इस दौरान संसद के शीतकालीन सत्र में विभिन्न मुद्दों पर गवर्नमेंट को घेरने की रणनीति पर चर्चा हुई।
जयराम रमेश ने इस बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘कांग्रेस अध्यक्ष और अन्य नेताओं के बीच 14-15 मुद्दों पर चर्चा हुई। अभी जो एम्स में डेटा मामला हुआ, उसपर चर्चा हुई। चीन के साथ जो तनाव है उसपर भी चर्चा हुई। मोरबी हादसे पर चर्चा हुई। न्यायपालिका को लेकर और रुपये के गिरता वेल्यू पर भी चर्चा हुई।’
संसद के शीतकालीन सत्र का जिक्र करते हुए कांग्रेस पार्टी नेता ने कहा, ‘बहुत छोटा सा सत्र होगा, जिसमें मामला उठाने के लिए 14 दिन मिलेंगे। इस दौरान हमारे 3 अहम मामले रहेंगे। पहला- 22 महीने से चीन के साथ तनाव बरकरार है, वो मामला रहेगा। दूसरा बड़ा मामला है आर्थिक स्थिति और बेरोजगारी का, तीसरा- संवैधानिक संस्थाओं का मामला रहेगा, जिनका अधिकार छीना जा रहा है। इसके अतिरिक्त किसानों के मामले भी हम उठाएंगे।’
संसद का शीतकालीन सत्र बुधवार 7 दिसंबर से प्रारम्भ होकर 29 दिसंबर तक चलेगा। यह सत्र हिमाचल प्रदेश और गुजरात के चुनाव परिणामों से ठीक एक दिन पहले प्रारम्भ हो रहा है। ऐसे में इस सत्र पर इन चुनाव परिणामों का असर दिखने का अनुमान है।
वहीं इस दौरान कांग्रेस पार्टी सांसद राहुल गांधी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ पर हैं। जयराम रमेश ने बताया कि ‘कल (रविवार) रात को हिंदुस्तान जोड़ो यात्रा राजस्थान के झालावाड़ जिले में पहुंचेगी। इस यात्रा के चलते राहुल गांधी सहित कांग्रेस पार्टी के कुछ अन्य नेता शीतकालीन सत्र में शामिल नहीं हो पाएंगे।