किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें भिन्न-भिन्न योजनाएं चला रही हैं। इन योजनाओं का लाभ सीधे किसानों को मिल रहा है। इनमें सबसे ज्यादा महत्वाकांक्षी योजना पीएम किसान सम्मान निधि योजना (PM Kisan Samman Nidhi) है। इसके अनुसार पात्र किसानों को सालाना 6000 रुपये दिये जाने का प्रावधान है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने छोटे किसानों के जीवन में सुधार लाने पर जोर देते हुए बोला कि गवर्नमेंट किसानों की आय बढ़ाने के लिए कोशिश कर रही है।
फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए कई तरीका किए
तोमर ने फिक्की सतत कृषि सम्मेलन और पुरस्कार कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बोला कि हिंदुस्तान एक कृषि प्रधान राष्ट्र है। गवर्नमेंट और लोगों का यह कर्तव्य है कि वे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाएं। मंत्री ने बोला कि गवर्नमेंट ने पिछले आठ वर्षों में कृषि क्षेत्र पर एक समग्र दृष्टिकोण अपनाया है और कृषि फसलों की उत्पादकता और उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए कई तरीका किए हैं।
10000 किसान उत्पादक संगठनों की स्थापना पर काम चल रहा
इस दौरान उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए कोशिश कर रही है। तोमर ने बताया कि कुल किसानों में से 86 फीसदी छोटे और सीमांत किसान हैं। उन्होंने कहा, ‘उनकी स्थितियों में सुधार की आवश्यकता है।’ मंत्री ने बोला कि छोटे किसानों की आय को बढ़ाने के लिए गवर्नमेंट 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की स्थापना कर रही है और एक लाख करोड़ रुपये के बुनियादी ढांचा कोष की भी घोषणा की है।
इसके अतिरिक्त पशुपालन क्षेत्र के लिए भारी केंद्रीय परिव्यय वाली नयी योजनाएं प्रारम्भ की गई हैं। मंत्री ने बोला कि गवर्नमेंट कृषि क्षेत्र में नयी तकनीकों को पेश करने पर भी ध्यान दे रही है। मंत्रालय ने पहले ही कृषि क्षेत्र में ड्रोन प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल के लिए मानक संचालन प्रक्रिया जारी कर दी है।
सरकार जैविक और प्राकृतिक खेती को भी बढ़ावा देने की प्रयास कर रही है ताकि कृषि क्षेत्र में रसायनों का इस्तेमाल कम हो। तोमर ने बोला कि भारतीय कृषि को लाभदायक बनाने के लिए पिछले आठ वर्ष के दौरान गवर्नमेंट द्वारा किए गए सुधारों के कारण अब युवा कृषि की ओर आकर्षित हो रहे हैं।