जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला ने नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी है और उन्होंने बोला कि वह अगला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे. फारूक अब्दुल्ला ने बोला कि इंशा अल्लाह, मैं अगला विधानसभा चुनाव जब भी (जम्मू-कश्मीर में) होगा, लड़ने जा रहा हूं. वहीं हिंदुस्तान को जी-20 की अध्यक्षता मिलने को लेकर भी नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान को जी 20 की अध्यक्षता मिलने से मुझे खुशी है. अब्दुल्ला ने बोला कि मुझे आशा है कि पीएम यूक्रन युद्ध को समाप्त करने में सफल होंगे क्योंकि इसने दुनिया की आर्थिक हालत खराब कर दी है. यह मुल्क(भारत) पड़ोसी देश(पाकिस्तान) के साथ मिलकर मुश्किलों का हल निकाले.
इससे पहले नेशनल कांफ्रेंस नेता फारूक अब्दुल्ला ने बोला कि हम साथ मिलकर नेशनल कांफ्रेंस को मजबूत करेंगे और जम्मू और कश्मीर के सभी मुद्दों का निवारण करेंगे. 1996 का जिक्र करते हुए, जब नेशनल कांफ्रेंस ने उनके नेतृत्व में राज्य गवर्नमेंट का गठन किया, उन्होंने बोला कि पार्टी ने जम्मू और कश्मीर को पटरी पर लाने के लिए कड़ी मेहनत की, जब सब कुछ खत्म हो गया था और सिर्फ उनकी पार्टी जमीन पर थी. “नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जो किया है वह इतिहास है. 1996 में जब हम सत्ता में वापस आए, तो हर स्थान बंदूक और बम हमले हो रहे थे… विद्यालय बंद थे और सड़कें और पुल नहीं थे.इससे पहले फारूक अब्दुल्ला ने कहा, अनुच्छेद 370 को खारिज कर जम्मू और कश्मीर के लोगों के साथ छल किया गया है. आज दूसरे क्षेत्र के लोग जम्मू में आकर डोगरों का अधिकार छीन रहे हैं. फारूक अब्दुल्ला ने सांबा में एक कार्यक्रम में बोला कि हम गांधी के भारत के हैं, कभी पाक जिंदाबाद नहीं बोला है. जम्मू और कश्मीर भारत का मुकुट है. भगवान राम केवल हिंदुओं के नहीं है, सभी के भगवान है