इस्लामाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश आमेर फारूक ने बोला कि खुफिया रिपोर्टों से पता चला है कि पूर्व पीएम इमरान खान पर हमले की संभावना है. उन्होंने बोला कि ‘इस पहलू पर गौर करना गवर्नमेंट और राज्य की जिम्मेदारी है.’ डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, लॉन्ग मार्च के दौरान पीटीआई अध्यक्ष पर मंडरा रहे खतरों के बारे में न्यायालय में एक रिपोर्ट पेश किए जाने के बाद उन्होंने यह टिप्पणी की. इस्लामाबाद उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पीटीआई के विरोध के कारण हुई परेशानी से संबंधित एक याचिका पर सुनवाई की.
22 नवंबर को फिर सुनवाई
सुनवाई के दौरान एक बिंदु पर, मुख्य न्यायाधीश ने कहा, “विरोध दर्ज करना सियासी और गैर-राजनीतिक संस्थाओं का अधिकार है, लेकिन इसके मद्देनजर नागरिकों के अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए. सुनवाई 22 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी गई है.
इमरान के पैर में लगी थी गोली
पूर्व पीएम इमरान खान के मुताबिक उनके पैर में चार गोलियां लगी थीं. लाहौर में उनका उपचार हुआ. इस दौरान उनके पैर में लगी गोलियों को निकाल दिया गया था. इसके बाद पाक में गृह युद्ध जैसे हालात बनने लगे थे. इमरान की पार्टी के नेता फवाद चौधरी ने बड़ा दावा करते बोला था कि कल इमरान की मर्डर की सोची समझी षड्यंत्र के अनुसार फायरिंग की गई थी…।फवाद चौधरी ने दावा किया है कि इमरान पर 9MM की गोली नहीं चली।।उनपर ऑटोमैटिक हथियार से फायरिंग की गई थी. इमरान के समर्थक अब पाक में जगह-जगह प्रदर्शन हुए. साथ ही लंदन में पूर्व पीएम नवाज शरीफ के घर के सामने भी प्रदर्शन किया और नारेबाजी की गई थी. पाकिस्तानी सेना के विरूद्ध भी लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला.