Shraddha Murder Case: प्यार, धोखा, मर्डर… मुंबई में दो जवान लड़का-लड़की मिले, और फिर प्यार की कहानी का दर्दननाक अंत हो गया. लिव-इन पार्टनर द्वारा श्रद्धा वाकर की बेरहमी से मर्डर करने के बाद उसके शरीर के टुकड़े करने की घटना से दिल्ली ही नहीं, बल्कि पूरा राष्ट्र में लोगों को दंग कर दिया.
हर कोई यही जानना चाहता है कि हत्यारोपी आफताब पूनावाला के सिर पर ऐसा घिनौना काम करने की हिम्मत, और मर्डर करने के बाद मृत शरीर के टुकड़े करने का उपाय आखिर उसके दिमाग में कैसे आया? पुलिस हिरासत में आफताब ने कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं. पुलिस पूछताछ में मर्डर करने से लेकर मृत शरीर को ठिकाने लगाने तक आफताब ने कई राज उगले हैं.
1-पुलिस पूछताछ में मर्डर के राज छुपाने का ‘अंग्रेजी’ में की बात
श्रद्धा वाकर हत्याकांड का मुख्य आरोपी जघन्य क्राइम करने के बाद सीढ़ी रेट सीढ़ी बचने का कोशिश करने में लगा हुआ था. पुलिस हिरासत से लेकर पूछताछ तक बयानों के फेर में पुलिस को उलझाता रहा. पुलिस सूत्रों की बात मानें तो आफताब पूछताछ के दौरान
‘अंग्रेजी’में ही बात किया करता था.
सख्ती से पूछताछ करने पर वह हिंदी में बोलने पर राजी हो गया था. चौंकाने वाली बात है कि आफतात के कई बयानों में सामंजस्य की कमी नजर आई थी. श्रद्धा के दोस्त ने उसके भाई को बताया कि करीब ढाई महीनों से उससे बात नहीं हो पा रही है, जिसके बाद श्रद्धा के पिता ने मुंबई में 12 अक्तूबर को गुमशुदगी दर्ज कराई थी.
2-श्रद्धा की मर्डर के बाद कूड़े की वाहन में फेंके कपड़े
श्रद्धा की बेरहमी से मर्डर करने के बाद शरीर के टुकड़े करते समय घर के अंदर खून ही खून बिखर गया था. मर्डर को छुपाने की मकसद से आफताब ने श्रद्धा के खून से सने कपड़ों को कूड़े की वाहन में फेंक दिया था. घर में किसी भी तहर की बदबू से निजात पाने को आफताब सुबह-शाम अगरबत्ती का सहारा लिया करता था. चौकाने वाली बात है कि श्रद्धा की मर्डर के बाद डेंटिंग एप में एक्टिव था. सूत्र बताते हैं कि पुलिस को अभी तक हथियार नहीं मिला. मर्डर के बाद आफताब ने श्रद्धा का मोबाइल टेलीफोन महाराष्ट्र में फेंक दिया था.
3-बाथरूम में मृत शरीर के टुकड़े कर कैमिकल का इस्तेमाल
आफताब ने श्रद्धा का गला दबाकर उसको मृत्यु के घाट उतार दिया था. हत्या के बाद वह श्रद्धा के मृत शरीर को घसीट कर बाथरू में ले गया था. बाजार से आरी खरीदने के बाद आफताब ने श्रद्धा के मृत शरीर के 35 टुकड़े कर डाले थे. खून से सने अपने हाथ को छिपाने की प्रयास की. किसी भी तरह के संदेह से बचने को आफताब ने क्रेडिट कार्ड का बिल भी जमा कर दिया था. बाजार से खरीदे केमिकल की सहायता से आफताब ने कमरे और फ्रीज को भी साफ किया था. मृत शरीर के टुकड़ों को सुरक्षित रखने के लिए फार्मल्डिहाइड नाम का केमिकल उपयोग किया करता था.
4-चॉपिंग करने का तरीका यहां से सीखा
शव को काटने से लेकर टुकड़े करने का उपाय आफताब को और कहीं नहीं कीचन से ही सीखने को मिला. पेशे से शेफ आफताब अपने आप को फूड ब्लॉगर बताता था. सोशल साइट पर आफताब ने फलों, सब्जियों को काटने का उपाय भी शेयर किया है. फलों-सब्जियों को बारीकियों से लेकर भिन्न-भिन्न अंदाज में काटने का उपाय आफताब अकसर पोस्ट किया करता था.
आफताब ने होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी और शेफ के तौर पर काम करता था. उसने दो सप्ताह तक मांस काटने की ट्रेनिंग ली थी. उसने इसका उपयोग श्रद्धा के शरीर को काटने के लिए किया. ऐसे में आफताब को मृत शरीर के टुकड़े करने में कोई खास कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा.
5-मर्डर करने में नहीं परेशानी, शरीर के टुकड़ों को ठिकाने लगाने में हुआ परेशान
पुलिस हिरासत में आफताब ने मर्डर करने से लेकर शरीर के टुकड़े करने तक की पूरी कहानी बयान की. हत्यारोपी का बोलना था कि लिव-इन रिलेशन में रहते हुए श्रद्धा का गला दबाकर मर्डर करने में कोई खासी कठिनाई नहीं हुई. हालांकि, मर्डर के बाद मृत शरीर को ठिकाने लगाने में उसे काफी कठिनाई का सामना करना पड़ा. शव को ठिकाने लगाने के लिए उसने शरीर के टुकड़े करने की योजना बनाई थी. अपने मकसद को अंजाम देने के लिए आफताब ने इंटरनेट का भरपूर लाभ उठाया.
6-श्रद्धा को अकसर किया करता था इमोशनल ब्लैकमेल
मुंबई से दिल्ली शिफ्ट होने के बाद आफताब-श्रद्धा ने ने लिव-इन रिलेशन में रहना प्रारम्भ कर दिया था. लेकिन, कुछ ही महीनों के बाद श्रद्धा को आफताब खटकने लगा था. वह इस रिलेशनशिप से एकदम भी खुश नहीं थी क्योंकि आफताब श्रद्धा को अकसर मानसिक रूप से बहुत परेशान किया करता था.
आफताब अकसर श्रद्धा के साथ हाथापाई किया करता था. इससे तंग आकर, श्रद्धा अकसर उसे छोड़कर जाने की बात कहती रहती थी, लेकिन ठीक इसके उल्ट आफताब श्रद्धा को हमेशा ही इमोशनल ब्लैकमेल किया करता था. श्रद्धा को रोकने के लिए आफताब कहता था कि यदि तुमने इस लिव-इन रिलेशन को समाप्त किया तो वह खुदकुशी कर लेगा.
7-लिव-इन के बाद क्या विवाह बनी श्रद्धा की मर्डर की वजह?
नई जीवन की आस लेकर मुंबई से दिल्ली अपने दोस्त आफताब पूनावाला के साथ पहुंची श्रद्धा वाकर को हर कदम में धोखे ही धोखे खाने को मिले. लिव-इन में रहते हुए वह अकसर आफताब पर विवाह करने का दबाव बनाया करती थी. तीन वर्ष के लिव-इन रिलेशनशिप के बाद श्रद्धा अपना घर बसाना चाहती थी. विवाह की बात लेकर अकसर दोनों के बीच झगड़े और हाथापाई तक हुआ करती थी. रोज-रोज की मानसिक प्रताड़ना से तंग आकर श्रद्धा अकसर आफताब से अपना नाता तोड़ने की बात कहती थी. पुलिस सूत्रों की बात मानें तो आफताब के कई लड़कियों के साथ संबंध थे.