शहबाज के विरूद्ध एक मुद्दे को लेकर खान ने आरोप लगाया कि मौजूदा पीएम 16 अरब रुपये के करप्शन के मामलों में दोषी ठहराए जाने के करीब थे, लेकिन एक ‘‘सौदे’’ के चलते वह बच गए और पीएम बन गए. उन्होंने शहबाज के विरूद्ध करप्शन के मामलों की जांच कर रहे ऑफिसरों की मृत्यु पर भी प्रश्न उठाया.
इस्लामाबाद. इमरान खान ने बुधवार को पाक के लोगों से अपने अधिकारों के लिए खड़े होने का आह्वान किया और अपने विरोधियों पर निशाना साधते हुए बोला कि गठबंधन गवर्नमेंट इससे संबंधित लोगों के करप्शन के मामलों को समाप्त करने के लिए एक ‘‘सौदे’’ के जरिए सत्ता में आई है. पाक तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख ने अपने विरोध मार्च के छठे दिन की आरंभ में पंजाब प्रांत के गुजरांवाला में अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए बोला कि पूर्व पीएम नवाज शरीफ लौटने के लिए तैयार हो रहे हैं, जबकि उनके भाई और मौजूदा पीएम शहबाज शरीफ ने उनके विरूद्ध करप्शन के मामलों को एक सौदे के अनुसार सुलझा लिया है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने भी अपने विरूद्ध करप्शन के मामलों का निपटारा करा लिया है.
खान ने कहा, मैं जो देख रहा हूं वह यह है कि सिर्फ छोटे लोग पकड़े जाएंगे और अमीर बच जाएंगे. उन्होंने यह भी बोला कि क्रिमिनल अब नेता बन गए हैं. उन्होंने बोला कि पाक का सबसे बड़ा मामला यह है कि करप्ट लोग बिना किसी ज़िम्मेदारी के नेतृत्व में आ जाते हैं. शहबाज के विरूद्ध एक मुद्दे को लेकर खान ने आरोप लगाया कि मौजूदा पीएम 16 अरब रुपये के करप्शन के मामलों में दोषी ठहराए जाने के करीब थे, लेकिन एक ‘‘सौदे’’ के चलते वह बच गए और पीएम बन गए. उन्होंने शहबाज के विरूद्ध करप्शन के मामलों की जांच कर रहे ऑफिसरों की मृत्यु पर भी प्रश्न उठाया और बोला कि एक के बाद एक सभी अधिकारी मारे गए. खान ने बोला कि किसी ने भी यह नहीं पूछा कि जांच में शामिल ऑफिसरों की अचानक कैसे मृत्यु हो गई. खान ने बोला कि लोगों को अपने अधिकारों के लिए खड़ा होना चाहिए, वरना उन्हें न्याय नहीं मिलेगा.
मार्च की आरंभ में, उनके करीबी विश्वासपात्र फैसल जावेद ने प्रतिभागियों को संविधान का पालन करने और उनके संघर्ष में खान का समर्थन करने की शपथ दिलाई. इस बीच, इस्लामाबाद की ओर विरोध मार्च की धीमी गति की आलोचना के बाद, इसके नेता फवाद चौधरी ने पलटवार करते हुए बोला कि यह अपनी गति से आगे बढ़ेगा. उन्होंने कहा, ‘‘हम गवर्नमेंट को चकमा देने के लिए इस्लामाबाद पहुंचने की अपनी योजना में भी परिवर्तन करते रहेंगे.’’ पार्टी के मार्च को अब छह दिन हो चुके हैं. प्रारंभिक योजना के अनुसार, इसे सात दिन में इस्लामाबाद पहुंचना था. मार्च चार नवंबर को इस्लामाबाद पहुंचने वाला था, लेकिन पीटीआई महासचिव असद उमर ने बोला कि अब यह काफिला 11 नवंबर को राजधानी पहुंचेगा. इस बीच, इस्लामाबाद पुलिस ने बोला कि वह संघीय राजधानी में शांति सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. पंजाब प्रांत के गृह विभाग ने भी पीटीआई के मार्च के पहुंचने से पहले रावलपिंडी के लिए हाई अलर्ट जारी किया है. खान राष्ट्र में जल्द नया चुनाव कराए जाने की मांग करते आ रहे हैं और वह अपनी मांगों को लेकर इस्लामाबाद की ओर लंबे मार्च का नेतृत्व