- पीएम मोदी के कौशल विकास योजना की दुनिया में सराहना
- 20 राष्ट्रों द्वारा तैयार रिपोर्ट में की गई हिंदुस्तान की तारीफ
- कौशल विकास बना भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़
India in Skill Development: कौशल राष्ट्रीय पाठ्यक्रम में कौशल विकास को बढ़ावा देने के मुद्दे में हिंदुस्तान अन्य राष्ट्रों की तुलना में अग्रणी निकल गया है.
युवाओं के लिए नए कौशल की एक विस्तृत श्रृंखला को शामिल करने के मद्देनजर शिक्षा के अपने राष्ट्रीय पाठ्यक्रम का विस्तार करने के मुद्दे में हिंदुस्तान अन्य राष्ट्रों की तुलना में अब बहुत आगे निकल चुका है. पूरे विश्व के 20 राष्ट्रों के एक नए शोध में यह बात कही गई है. इससे पूरी दुनिया में हिंदुस्तान की साख बढ़ गई है.
‘द इकोनॉमिस्ट ग्रुप’ ने जैकब्स फाउंडेशन द्वारा शामिल किए गए ‘लर्निंग इकोसिस्टम फ्रेमवर्क’ का उपयोग कर यह पाया कि पर्सनल तौर पर सीखने की महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के मुद्दे में हिंदुस्तान सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले राष्ट्रों में से एक है क्योंकि वहां शिक्षक अपने विद्यार्थियों के साथ अधिक समय बिताते हैं. अध्ययन में यह भी पाया गया कि हिंदुस्तान में सर्वेक्षण के दौरान 70 फीसदी शिक्षकों ने बोला है कि उनके पास प्रत्येक विद्यार्थी के साथ बिताने के लिए पर्याप्त समय है, जबकि शोध किए गए 20 राष्ट्रों में यह औसतन सिर्फ 50 फीसदी है.
सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल साक्षरता में भी बढ़े कदम
भारत के कदम कौशल विकास के साथ ही साथ डिजिटिल साक्षरता और सूचना प्रौद्योगिकी में भी अब बहुत आगे निकल चुके हैं. जैकब्स फाउंडेशन के सह-मुख्य कार्यकारी अधिकारी फैबियो सेगुरा और सिमोन सोमर ने कहा, ‘‘हमें आशा है कि यह ‘लर्निंग इकोसिस्टम फ्रेमवर्क’ राष्ट्रों को यह समझने में सहायता करेगा कि उनका सीखने का पारिस्थितिकी तंत्र कितना अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और इसमें आगे सुधार करने के लिए इसका समर्थन कैसे किया जा सकता है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हालांकि, ये रूपरेखा लंबी प्रक्रिया में पहला कदम है. हम सरकारों से अधिक डेटा और साक्ष्य एकत्र करने और साझा करने का आह्वान कर रहे हैं कि विभिन्न वातावरण विद्यार्थियों के सीखने और स्वास्थ्य संबंधी हितों में किस तरह सहयोग देते हैं. तभी हम यह सुनिश्चित कर पाएंगे कि सभी बच्चे अपने सीखने की पूरी क्षमता का एहसास कर सकें और आगे बढ़ सकें