नई दिल्ली: कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी ( Sonia Gandhi) ने बुधवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी गवर्नमेंट (Narendra Modi) पर प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि पिछले आठ साल में सत्ता चुनिंदा राजनेताओं और व्यापारिक व्यक्तियों में हाथों में केंद्रित हो गई है, जिससे हिंदुस्तान का लोकतंत्र और संस्थाएं कमजोर हो रही हैं. उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि संवैधानिक मूल्यों और सिद्धांतों पर हमला किया जा रहा है और चुनावी फायदा के लिए मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने को लेकर सामाजिक सद्भाव के बंधन को जानबूझकर तोड़ा जा रहा है.
कांग्रेस अध्यक्ष ने ‘हिंदुस्तान टाइम्स’ में एक लेख में लिखा कि पहले स्वतंत्र रहीं संस्थाएं अब “कार्यपालिका का औजार” बनकर रह गई हैं, जो पक्षपातपूर्ण ढंग से काम कर रही हैं.उन्होंने कहा, “परिणामस्वरूप, चुनावी चंदे और उद्योगपतियों से सांठगांठ के जरिए अर्जित धन के बल पर चुनाव परिणामों को विकृत किया जा रहा है. सरकारी एजेंसियां गवर्नमेंट का विरोध करने वाले किसी भी सियासी दल के पीछे लग जाती हैं.” सोनिया गांधी का लेख कन्याकुमारी से कश्मीर तक निकाली जा रही कांग्रेस पार्टी की महत्वाकांक्षी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के बीच आया है. यात्राा का उद्देश्य राष्ट्र में कथित विभाजन का मुकाबला करना और पार्टी संगठन को फिर से जीवंत करना है.
उन्होंने लेख में कहा, ‘‘75 वर्ष पहले भारतीय गणराज्य के निर्माताओं ने उदारवादी और लोकतांत्रिक देश बनने का रास्ता चुना. यह कई पड़ावों से गुजरा, लेकिन ठोस बुनियाद होने के कारण कई मुश्किलों को पार करते राष्ट्र दुनिया का अग्रणी देश बन गया.” उनके अनुसार, यह भुला दिया गया है कि (आजादी मिलने के समय) बहुत सारे लोगों ने संभावना व्यक्त किया था कि हिंदुस्तान विफल हो जाएगा क्योंकि यह गरीब राष्ट्र है और धर्म, क्षेत्र, भाषा, जाति और वंश के आधार पर बंटा हुआ है तथा इसने सदियों के औपनिवेषिक उत्पीड़न और हिंसक बंटवारे का सामना किया है. इसके बाद भी हिंदुस्तान एक संघीय, प्रगतिशील सियासी प्रबंध वाले राष्ट्र के रूप में सामने आया जहां सभी की आकांक्षाएं समाहित थीं.
सोनिया ने कहा, ‘‘राष्ट्रीय एकता को यह सुनिश्चित करते हुए हासिल किया गया कि हमारी कई संस्कृतियां और पहचान हैं जो ताकत हैं क्योंकि यह समझा गया कि विविधिता हमारी ताकत है. मतभेदों के बावजूद हर नागरिक का हिंदुस्तान पर समान अधिकार है.