बिहार में महागठबंधन की गवर्नमेंट बनने के बाद नीतीश कुमार की राहुल गांधी से पहली बार मुलाकात की. हालांकि मुलाकात करने के बाद नीतीश कुमार सीधे कांग्रेस पार्टी नेता के आवास से निकल गए और मीडियाकर्मियों से कोई वार्ता नहीं की. बता दें कि महागठबंधन की गवर्नमेंट बनने के बाद राहुल गांधी ने नीतीश कुमार को टेलीफोन करके शुभकामना दी थी.
नयी दिल्ली. बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने सोमवार को कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. दोनों नेताओं के बीच तकरीबन 50 मिनट तक वार्ता हुई, जिसको लेकर सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है. लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर नीतीश कुमार की राहुल गांधी के साथ हुई यह मुलाकात काफी अधिक अहम मानी जा रही है.
राहुल के साथ पहली मुलाकात
बिहार में महागठबंधन की गवर्नमेंट बनने के बाद नीतीश कुमार की राहुल गांधी से पहली बार मुलाकात की. हालांकि मुलाकात करने के बाद नीतीश कुमार सीधे कांग्रेस पार्टी नेता के आवास से निकल गए और मीडियाकर्मियों से कोई वार्ता नहीं की. आपको बता दें कि बिहार में महागठबंधन की गवर्नमेंट बनने के बाद राहुल गांधी ने नीतीश कुमार को टेलीफोन करके शुभकामना दी थी. हालांकि उस समय कोई मुलाकात नहीं हो पाई थी लेकिन विपक्षी एकजुटता का संदेश देने वाले नीतीश कुमार से उनकी अंतत: मुलाकात हो गई.
PM बनने की नहीं है इच्छा
साल 2019 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने ‘राहुल गांधी’ के चेहरे पर चुनाव लड़ा था. हालांकि कांग्रेस पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा था. जिसके बाद राहुल गांधी ने पर्सनल जिम्मेदारी लेते हुए पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. उसके बाद से लगातार विपक्ष को एकजुट करने की बात चल रही है. कभी पश्चिम बंगाल की सीएम और तृणमूल सुप्रीम ममता बनर्जी दिल्ली की यात्रा करती हैं तो कभी तेलंगाना के सीएम के चंद्रशेखर राव महाराष्ट्र की और तो और आम आदमी पार्टी अरविंद केजरीवाल को पीएम उम्मीदवार को मटेरियल बताते हुए एकला चलो की राह अपनाए हुए हैं.