China Tiwan Tension: चीन और ताइवान के बीच चल रहे तनाव के बीच पहली बार ताइवान ने आक्रामक रुख अपनाते हुए अपनी वायुसीमा में दाखिल हो रहे एक ड्रोन का मार गिराया है. यह ड्रोन चीन सीमा के पास ताइवान की वायुसीमा में कई किलोमीटर तक दाखिल हो गया था. चीन की ओर से लगातार हो रहे कब्ज़ा की कोशिशों के बाद ताइवान की सेना ने यह कदम उठाया. ताइवान की गवर्नमेंट ने इस तरह की घुसपैठ में से निपटने के लिए कड़े कदम उठाने की कसम खाई थी.
चीन की तरफ से लगातार अतिक्रमण
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की स्पीकर नैन्सी पेलोसी के ताइवान दौरे के बाद से चीन की तरफ से लगातार कब्ज़ा की कोशिशें की जा रही है. नैन्सी पेलोसी की यात्रा के बाद चीन ने ताइवान से सटे इलाकों में सेना अभ्यास किया. चीन के लड़ाकू विमानों ने भी ताइवान की सीमा के कब्ज़ा की प्रयास की. इसे लेकर ताइवान ने कड़ी विरोध भी जताई थी. लेकिन ताइवान की आपत्तियों को चीन नजरंदाज करता रहा.
ताइवान वायुसेना ने चेतावनी देने के बाद ड्रोन को मार गिराया
ताइवान की गवर्नमेंट ने बोला है कि वह तनाव को न तो भड़काएगी और न ही बढ़ाएगी, लेकिन हाल ही में चीन के तट के करीब ताइवान के क्षेत्र में चीनी ड्रोन के बार-बार आने के मुद्दे बढ़ने से वह बहुत नाराज़ है. जब ताइवान की वायुसीमा में ड्रोन दाखिल हुआ तो ताइवान वायुसेना ने उसे चेतावनी दी लेकिन इसके बावजूद वह ड्रोन सीमा का कब्ज़ा कर ताइवान के क्षेत्र में दूर तक घुसने की प्रयास करने लगा. इसके बाद ताइवान ने उसे मार गिराया.
पहले भी चीन की ओर से हो चुकी है ऐसी कोशिश
इससे पहले भी ताइवान की सेना ने चीनी ड्रोन पर अंधाधुन्ध गोलीबारी कर उसे अपनी सीमा से बाहर भगा दिया था. 31 अगस्त को जब ड्रोन आइलेट द्वीप पर पहुंचा था, तो उस पर लाइव राउंड फायरिंग की गईं. जिसके बाद वह वापस चीन लौट गया. चीन की तरफ से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं आई. वहीं सोमवार को चीन के विदेश मंत्रालय ने ताइवान की ड्रोन को लेकर की गई कम्पलेन को खारिज कर दिया था. अमेरिकी ऑफिसरों ने पहचान छिपाने की शर्त पर बताया कि ऐसा प्रतीत होता है कि चीन इन ड्रोन का उपयोग स्थिति को खराब करने से अधिक ताइवान को परेशान करने के लिए कर रहा है. अमेरिका ने बोला कि वह करीबी से नज़र नहीं कर रहा लेकिन इस तरह की घटनाओं से चिंतित है.