- चीन में तेजी से फैल रहा लांग्या वायरस
- अब तक इस वायरस के 35 मुद्दे मिले
- लक्षणों में थकान, खांसी, जी मिचलाना शा
- चीन में करीब तीन वर्ष पहले कोविड-19 वायरस मिला था. जिसने पूरे विश्व में खूब तबाही मचाई. अब इस राष्ट्र में एक और वायरस मिला है, जिसके 35 मुद्दे सामने आ चुके हैं. यह नयी तरह का हेनिपावायरस है, जिसे लांग्या वायरस भी बोला जा रहा है. हेपिनावायरस को बायोसेफ्टी लेवल 4 पैथोगन के तौर पर वर्गीकृत किया गया है. ये वायरस जानवरों और इंसानों में गंभीर रोग पैदा कर सकते हैं. इस वायरस की अभी तक कोई दवा या वैक्सीन नहीं बनी है. तो चलिए अब जान लेते हैं कि आखिर लांग्या वायरस क्या होता है.
हाल में ही न्यू इंग्लैंड जरनल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित एक रिपोर्ट में बोला गया है कि चीन में एक फाइलोजेनेटिक रूप से अलग हेनिपावायरस पाया गया है. यह एक जूनोटिक हर्निपावायरस है. हेनिपावायरस में हेंड्रा, निपाह सहित घाना के बैट वायरस शामिल हैं. यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के अनुसार हेंड्रा और निपाह इंसानों में जानलेवा रोग का कारण बन सकते हैं. ऐसा माना जाता है कि लांग्या वायरस के कारण बुखार हो सकता है.
कैसे हुई लांग्या वायरस की खोज?
लांग्या वायरस चीन के पूर्वी हिस्से में बीमार रोगियों में मिला है. ये हाल में ही जानवरों के संपर्क में आए थे. वायरस का पता गले के स्वैब टेस्ट के जरिए की गई है. शेडोंग और हैनान राज्य में 35 रोगी इस वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. जो लोग वायरस से संक्रमित मिले हैं, उनमें थकान, खांसी और जी मिचलाने के लक्षण पाए गए हैं.
वायरस कहां से आया है?
ऐसा बताया जा रहा है कि यह वायरस किसी जानवर के जरिए इंसानों तक पहुंचा है. लांग्या वायरस का आरएनए छछूंदरों में पाया जाता है. जो इसके प्राकृतिक होस्ट हैं. इसके अतिरिक्त इंसानों से इंसानों में इसके फैलने की बात करें तो स्टडी के अनुसार इसकी आसार बहुत कम है. वहीं इस परिवार का निपाह वायरस बहुत घातक है. यह सांस के ड्रॉपलेट से भी फैल सकता है.
कोरोना वायरस भी फिर फैल रहा
चीन में कोविड-19 वायरस भी तेजी से फैल रहा है. इसपर पहले नियंत्रण पा लिया गया था. यहां से समाचार आई है कि हैनान प्रांत की राजधानी ने विद्यालय की छुट्टियों के दौरान कोविड-19 वायरस संक्रमण के मुद्दे बढ़ने पर सोमवार को निवासियों पर 13 घंटों के लिए घरों से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी. हैकोउ शहर में सुबह सात बजे से रात आठ बजे तक अस्थायी लॉकडाउन लगाया गया है. तटीय शहर सानया में शनिवार से ही अनिश्चितकालीन लॉकडाउन लगा हुआ है, जिससे चीनी नागरिक और पर्यटक अपने-अपने होटलों में एक तरह से कैद हो गए हैं. रविवार को हैनान के चार अन्य शहरों में भी लॉकडाउन लगाया गया.
सानया में 80,000 पर्यटक फंसे
राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने सोमवार को बताया था कि रविवार को प्रांत में 470 से अधिक नए मुद्दे आए, जिनमें से 245 रोगियों में संक्रमण के लक्षण नहीं देखे गए. चीन में एक दिन में कुल मिलाकर 760 से अधिक नए मुद्दे आए हैं. ऐसा बताया जा रहा है कि सानया में करीब 80,000 पर्यटक फंस गए हैं. सानया से जाने के इच्छुक पर्यटकों को सात दिनों तक पांच पीसीआर जांच में कोविड-19 वायरस से संक्रमित न पाए जाने की रिपोर्ट दिखानी होगी. चीन बड़े पैमाने पर आर्थिक एवं सामाजिक असर के बावजूद कोविड-19 वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कड़ी पाबंदियां लगा रहा है.
चीन के अर्द्धस्वायत्त शहर हांगकांग ने सोमवार को घोषणा की कि वह विदेश से आने वाले लोगों के लिए जरूरी रूप से होटल में पृथक रहने की अवधि घटाकर तीन दिन करेगा, जबकि अभी उन्हें एक हफ्ते तक पृथक रहना होता है. नयी नीति शुकव्रार से लागू हो गई है