सोमवार यानी 18 जुलाई से संसद का मॉनसून सत्र प्रारम्भ हो रहा है. इस दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच विभिन्न मुद्दों की तीखी बरसात होने के पूरे आसार हैं. अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि रविवार को सर्वदलीय बैठक के बाद विपक्ष की बातों में अनेक चीजों को लेकर असंतोष नजर आया. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने साफ बोला कि मॉनसून सत्र के दौरान समय काफी कम है. वहीं चर्चा करने के लिए ढेर सारे मामले हैं. आइए जान लेते हैं कि आखिर वो कौन से मामले हैं, जिन पर विपक्ष ने पहले से ही आस्तीन चढ़ा रखी है.
महंगाई, प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई
सर्वदलीय बैठक के बाद वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने विपक्ष के नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय और CBI के दुरुपयोग को लेकर प्रश्न उठाया. उनका बोलना था कि बीते दिनों में कई नेताओं पर प्रवर्तन निदेशालय के छापे पड़े हैं. खड़गे के इस बयान से संभावना व्यक्त किया जा रहा है कि मॉनसून सत्र के दौरान विपक्ष इस मामले पर काफी अधिक मुखर रहने वाला है. वहीं खड़गे ने महंगाई के मामले को भी उठाने की बात कही. उल्लेखनीय है कि पिछले कुछ समय में महंगाई रेट काफी अधिक रही है. उल्लेखनीय है कि सर्वदलीय बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने बैठक के बाद कहा कि गवर्नमेंट संसद के नियमों और प्रक्रियाओं के अनुसार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है.
खड़गे ने बोला कि हमने सर्वदलीय बैठक में कुल 13 मामले उठाए हैं. इसमें अग्निपथ स्कीम भी शामिल है. उल्लेखनीय है कि अग्निपथ स्कीम लांच होने के बाद से ही विपक्ष के निशाने पर है. इसको लेकर विभिन्न प्रदेशों में खूब प्रदर्शन भी हुए थे. वहीं कांग्रेस पार्टी ने इसको लेकर धरना-प्रदर्शन भी दिया था. जहां-जहां पर भी विपक्ष को मौका मिलता है वह अग्निपथ स्कीम को लेकर गवर्नमेंट को कोसने का मौका नहीं छोड़ती. ऐसे में मॉनसून सत्र के दौरान भी विपक्ष इस मामले पर ध्यान खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी. राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बैठक में पूछा कि संसद सत्र में 14 दिन में 32 विधेयक कैसे पारित होंगे जिन्हें गवर्नमेंट ने कार्यसूची में रखा है. उन्होंने बोला कि गवर्नमेंट क्या करना चाह रही है?
चीन, विदेश नीति और जम्मू कश्मीर
इसके अतिरिक्त विपक्ष ने चीन की घुसपैठ को लेकर भी गवर्नमेंट पर निशाना साध रखा है. ऑल पार्टी मीट के बाद मल्लिकार्जुन खड़गे ने बोला कि वह चीन की घुसपैठ के अतिरिक्त विदेश नीति पर भी गवर्नमेंट से प्रश्न पूछेंगे. साथ ही यह भी बोला कि फॉरेस्ट कंजर्वेशन एक्ट में बदलाव, जम्मू कश्मीर और कश्मीरी पंडितों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की मांग रखी गई है. कांग्रेस पार्टी नेता जयराम रमेश ने बैठक के बाद ट्वीट किया कि आज सर्वदलीय बैठक में अनेक सियासी दलों ने एक तरफ राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के लिए श्रेय लेने और दूसरी तरफ वन अधिकार अधिनियम, 2006 को खत्म करने के मोदी गवर्नमेंट के विरोधाभासी रुख की ओर इशारा किया. इसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का समर्थन करने वाले दल भी शामिल रहे. इससे पहले रमेश ने सर्वदलीय बैठक में पीएम नरेन्द्र मोदी की अनुपस्थिति पर विरोध जताई.