क्या है कार्ड टोकनाइजेशन
क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड से जुड़े नियम में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अगले महीने से मर्चेंट, पेमेंट एग्रीगेटर, पेमेंट गेटवे और अधिग्रहण करने वाले बैंक ग्राहकों के क्रेडिट या डेबिट कार्ड से जुड़ी जानकारी को स्टोर नहीं कर सकेंगे। यानी ये टोकन सिस्टम आपके क्रेडिट और डेबिट कार्ड को अधिक सुरक्षित बनाएगा। यानी कार्ड टोकनाइजेशन का नियम लागू होने के बाद आपको हर बार क्रेडिट-डेबिट कार्ड का डिटेल नहीं डालना होगा।
क्रेडिट और डेबिट कार्ड को और अधिक सुरक्षित बनाने की कोशिश
कार्ड टोकनाइजेशन की मदद से क्रेडिट और डेबिट कार्ड को और अधिक सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है। इससे जुड़े फ्रॉड को रोकने की कोशिश की जा रही है। ईकॉमर्स वेबसाइट या ग्राहक को अपने कार्ड पेमेंट का टोकन जनरेट करना होगा या फिर हर बार आपको पेमेंट के लिए अपने कार्ड की पूरी डिटेल यानी 16 अंकों का कार्ड नंबर, वैलिडिटी डेट, तारीख, सीवीवी आदि की पूरी डिटेल भरनी होगी। यानी आपकोटोकनाइजेशन के तहत, कार्ड के जरिए ट्रांजैक्शन करने के लिए एक यूनिक कोड या टोकन जनरेट किया जाएगा, जिसका इस्तेमाल कर आप पेमेंट कर सकेंगे।