छोटे से लेकर बड़े तक हर किसी न किसी को माइग्रेन की परेशानी है। आजकल की लाइफस्टाइल के चलते लोग स्ट्रेस और डिप्रेशन के शिकार हैं। जिसके चलते उन्हें माइग्रेन की परेशानी झेलनी पड़ती है।
दुनियाभर में लोग माइग्रेन की परेशानी से कहीं न कहीं जूझ रहे हैं। छोटे से लेकर बड़े तक हर किसी न किसी को माइग्रेन की परेशानी है। आजकल की लाइफस्टाइल के चलते लोग स्ट्रेस और डिप्रेशन के शिकार हैं। जिसके चलते उन्हें माइग्रेन की परेशानी झेलनी पड़ती है। पूरे विश्व में माइग्रेन की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। अक्सर लोग सिरदर्द और माइग्रेन को लेकर कंफ्यूज रहते हैं। बड़ी संख्या में लोग इसके शुरुआती लक्षणों को नहीं पहचान पाते हैं, जिससे परेशानी गंभीर होती चली जाती है। तो आइये जानते हैं क्या है माइग्रेन और इसके लक्षण और इसके बचाव के तरीके।
क्या होता है माइग्रेन
माइग्रेन सिरदर्द का एक टाइप होता है, जिसमें आदमी को अचानक तेज सिरदर्द, उल्टी आना और तेज आवाज, तेज लाइट से कठिनाई होती है। माइग्रेन कई तरह का होता है, जिसमें भिन्न-भिन्न लक्षण और समस्याएं देखने को मिलती हैं। कई बार माइग्रेन से जूझ रहे आदमी को तेज सिरदर्द के साथ शरीर के एक हिस्से में कमजोरी महसूस होती है। ये दर्द कुछ घंटे रहता है जिसके बाद कमज़ोरी और थकान होने लगती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 18 से 30 वर्ष तक के वर्किंग युवाओं को इससे बचने के लिए विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। माइग्रेन होने की सबसे बड़ी वजह युवाओं की बिगड़ी हुई लाइफस्टाइल होती है। कई लोग देर रात तक जागते हैं और समय पर खाना भी नहीं खाते। इस वजह से भी माइग्रेन की परेशानी हो सकती है।
माइग्रेन का इलाज
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कुछ हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि माइग्रेन का ट्रीटमेंट दवाओं के जरिए किया जाता है, लेकिन हर रोगी की कंडीशन अलग होती है। सबसे पहले माइग्रेन की पहचान करने के लिए सभी टेस्ट किए जाते हैं। फिर लक्षणों के मुताबिक दवा दी जाती है। इसके अतिरिक्त आप कुछ खान पान में परिवर्तन करके भी बच सकते हैं। सबसे अहम है कैफीन. जहां तक हो सके कैफीन से दूर रहे। कैफीन माइग्रेन को ट्रिग्गर करता है।