बिहार के उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद (Tarkishore prasad) सोमवार को बिहार विधानसभा में वित्तीय साल 2022-23 का बजट पेश करेंगे. आशा की जा रही है कि तारकिशोर प्रसाद पिछले वर्ष के मुकाबले 10 फीसदी की बढ़ोत्तरी वाला बजट इस बार पेश करेंगे. बजेट पेश होने से पहले बैंकिंग क्षेत्र का एक आंकड़ा जारी हुआ है, जिसे देखकर अुनमान लगाया जा सकता है उपस्थिता वित्तीय विर्ष में बिहार की आर्थिक स्थिति में कितना सुधार हुआ है. एक तरफ जहां बैंकों से मोटा
ऋण लेकर नीरव मोदी और विजय माल्या जैसे पूंजीपति विराष्ट्र भाग गए हैं, वहीं बिहार इस बात को लेकर स्वयं पर गर्व कर सकते हैं उन्होंने इस वित्तीय साल में बैंकों का ऋण चुकाने में रेकॉर्ड कायम किया है. वित्तीय साल 2020-21 के दौरान बिहार के लोगों ने बैंकों का ऋण चुकाने में खासी दिलचस्पी दिखाई है. बिहार में सभी बैंकों के एनपीए मार्च 2020 में कुल अग्रिम का 14.9 फीसदी था जो मार्च 2021 में घट कर 11.8 फीसदी रह गया. बिहार में वार्षिक कर्ज योजना में भी 2019-20 की तुलना में 2020-21 में वृद्धि देखने को मिली है. 2019-20 में लक्ष्य 1.45 लाख करोड़ था जबकि, 2020-21 में इसमें 6.6 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और यह 1.54,500 करोड़ रुपये हो गया है. 2020-21 में बैंकों ने 2.51 लाख नए क्रेडिट कार्ड जारी किये. यह पिछले वर्ष की 51 फीसदी ज्यादा है.
बैंकों ने ब्रांच खोलने में दिखाई दिलचस्पी
बिहार में वित्तीय साल 2020-21 में विभिन्न बैंकों की 270 नए ब्रांच खुले. इनमें प्राइवेट सेक्टर के बैंकों की 92 ब्रांच खोले गए. वहीं अकेले स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया (भारतीय स्टेट बैंक) की सबसे अधिक 115 शाखाएं खोली गई. सबसे अधिक 117 शहरी इलाकों में बैंक ब्रांच खुले और ग्रामीण क्षेत्रों में 59, कस्बों में 63 और बड़े शहरों में 31 शाखाएं खुली. व्यावसायिक बैंकों की शाखाओं के मामले में बिहार राष्ट्र में 8वें पोजीशन पर है. 2021 में बैंकों की शाखाओं का 4.9 फीसदी शाखाएं बिहार में थी. बिहार से अधिक गुजरात, कर्नाटक, महादेश, राजस्थान, तमिलनाडु, यूपी और बंगाल में बैंकों की शाखाएं हैं.नीतीश गवर्नमेंट सोमवार को पेश करेगी. 2021-22 का बिहार बजट 2,18,302 करोड़ का था. करीब 10 फीसदी की बढ़ोतरी के
अनुमान के साथ इस बार बिहार बजट 2.40 लाख करोड़ का हो सकता है. कोविड-19 महामारी के काल में बजट 2022-23 में नेशनल हेल्थ मिशन को पिछले वित्तीय साल की तुलना में 1100 करोड़ से ज्यादा की राशि मिलने की संभावना जताई जा रही है. बिहार बजट 2022-23 में पिछले वित्तीय साल की अपेक्षा करीब 22 हजार करोड़ से ज्यादा की बढ़ोतरी करने की नीतीश गवर्नमेंट ने तैयारी की है.