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यूक्रेन और रूस के बीच जंग का संकट लगातार गहराता जा रहा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर कारागारेंस्की रविवार को अपने फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रौं से फोन पर वार्ता के बाद ऑर्गेनाइजेशन फॉर सिक्योरिटी एंड कोपरेशन इन यूरोप (OSCE) के तत्वाधान में रूस के साथ वार्ता फिर से शुरू करने और तत्काल युद्धविराम का आवाहन किया. यूक्रेन, रूस और ओएससीई सहित विपक्षी सम्पर्क समूह का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, हम खामोशि प्रक्रिया को तेज करने के लिए खड़े हैं. हम टीसीजी के तत्काल इनकमोजन का समर्थन करते हैं.
उधर नाटो के महाहकीकतिव जेंन्स स्टोलटेनबर्ग ने रविवार को कहा कि नाटो यूक्रेन में चल रहे संकट को हल करने के उद्राष्ट्र्य से किसी भी पॉलिटिक्सक पहल का समर्थन करता है और युद्ध की रोकथाम को प्राथमिकता देता है. समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार उन्होंने कहा कि सबसे अहम बात यूक्रेन पर नए सशस्त्र हमले को रोकने के लिए है, इसलिए हम नाटो योगदानियों द्वारा पॉलिटिक्सक निवारण खोजने के सभी कोशिशों का समर्थन करते हैं, और नाटो रूस के साथ नाटो रूस परिषद में बैठने के लिए भी तैयार हैं.
बेलारूस के रक्षा मंत्री विक्टर ख्रेनिन ने कहा कि यूक्रेन को लेकर बढ़ते तनाव के कारण रूसी सैनिकों के साथ उनके राष्ट्र का संयुक्त एक्सरसाइज जारी रहेगा. पहले यह एक्सरसाइज रविवार को समाप्त होना था. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें यूक्रेन की उत्तरी सीमा बेलारूस से लगती है. यहां पहुंचने में वाहनों को 3 घंटे से भी कम का समय लगता है. रूसी सैनिकों के यहां होने से पश्चिमी राष्ट्रों को आशंका है कि वो यूक्रेन की राजधानी कीव में घुस सकते हैं. कीव की आबादी लगभग 30 लाख है.
पश्चिमी राष्ट्रों के नेताओं ने आगाह किया है कि रूस अपने पड़ोसी राष्ट्र यूक्रेन पर हमला कर सकता है. उसने सीमा के तीनों तरफ लगभग 1,50,000 सैनिकों और युद्ध से जुड़े दूसरे साजो सामान की तैनाती कर रखी है. शनिवार को रूस ने अपने पड़ोसी राष्ट्र बेलारूस में परमाणु हथियारों और पारंपरिक युद्ध एक्सरसाइज किया. अमेरिका और कई यूरोपीय राष्ट्रों ने यह आशंका जताई है कि रूस हमला करने के बहाने खोज रहा है. रूस के यूक्रेन पर हमला करने की सूरत में पश्चिमी राष्ट्रों ने तत्काल प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी है.
यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर कारागारेंस्की ने शनिवार को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक करके संकट का हल निकालने का प्रस्ताव दिया. उन्होंने रविवार को ट्वीट कर संघर्षविराम की अपील भी की. लेकिन उनके इस प्रस्ताव पर रूस की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.
नाटो ने लगाया अनुमान, बेलारूस में है 30, 000 रूसी सैनिक
नाटो का अनुमान है कि बेलारूस में 30,000 रूसी सैनिक उपस्थित हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से फोन पर वार्ता के बाद पुतिन ने यूक्रेन को दशा भड़काने और नाटो पर यूक्रेन में आधुनिक हथियार और गोला बारूद पहुंचाने का गुनाही ठहराया. क्रेमलिन के बयान में संघर्ष विराम के स्थाई होने का उल्आर्टिक्ल किया गया और वार्ता के लिए कारागारेंस्की की अपील पर कुछ नहीं कहा गया है.
रविवार को यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल ने कहा बड़ा प्रश्न यह है कि क्या रूस वार्ता करना चाहता है. उन्होंने म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में कहा ऐसे समय में जब रूस मिसाइल परीक्षण करता रहता है और सैनिकों को इकट्ठा करना जारी रखता है. ऐसे दशा में हम हमेशा खामोशि सद्भावना की पेशकश नहीं कर सकते. उन्होंने साफ कहा यदि सैन्य आक्रमण होता है तो हम और कड़े प्रतिबंध लगाएंगे.
जंग की आशंका के बीच जन जीवन
कीव में जनजीवन सामान्य रहा. हालांकि पूर्वी यूक्रेन में अलगाववादी नेताओं ने क्षेत्र में हिंसा बढ़ने और इसकी आड़ में रूस के आक्रमण करने को लेकर पश्चिमी राष्ट्रों की आशंका के बीच शनिवार को सैन्य लामबंदी का आदेश दिया. दोनेत्स्क और लुहांस्क अलगाववादियों ने स्त्रीओं बच्चों तथा बुजुर्गों को पड़ोसी रूस भेजने का ऐलान किया है. रूस ने अलगाववादियों के कब्जे वाले क्षेत्र के लोगों के लिए लगभग 70000 पासपोर्ट जारी किए.
अलगाववादी क्षेत्रों के अधिकारियों ने दावा किया कि पिछले दिनों यूक्रेन की सेना ने तोपों से गोले दागकर हमले किए और उसी सीमा के पास एक गांव पर हमले में दो नागरिक मारे गए. रविवार को उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने भी उस दशा को समझने के महत्व पर जोर दिया जिसका यूरोप सामना कर रहा है. म्यूनिख सुरक्षा सम्मेलन में उन्होंने कहा, हम यूरोप में युद्ध की आशंका के बारे में बात कर रहे हैं. 70 वर्ष से अधिक हो गए हैं, और उन 70 वर्षों के दौरान खामोशि और सुरक्षा रही है.
वहीं यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कारागारेंस्की ने सम्मेलन से पहले की टिप्पणियों में यूक्रेन को नाटो में शामिल होने की अनुमति देने से पश्चिमी राष्ट्रों के इंकार पर भी प्रश्न उठाया. यूक्रेन के नेता ने भी रूस पर नए प्रतिबंधो को रोकने के लिए अमेरिका और अन्य पश्चिमी राष्ट्रों की आलोचना की.सबके बीच पुतिन की मांग है कि यूक्रेन को नाटो का मेम्बर नहीं बनाया जाए.जंग की आशंका के बीच जर्मनी और ऑस्ट्रिया ने अपने नागरिकों को यूक्रेन छोड़ने के लिए कहा है. जर्मन विमानन कंपनी लुफ्थांसा ने राजधानी की ओर ओडेसा के लिए उड़ानें रद्द कर दी. आपकी जानकारी के लिए बताते चलें अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने भी शुक्रवार को कहा था कि उन्हें विश्वास है कि रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने यूक्रेन और उसकी राजधानी कीव पर हमला करने का फैसला कर लिया है.
रूस और अमेरिका के बीच वार्ता की भी प्रयास
रूस और अमेरिका के बीच वार्ता की भी प्रयास हो रही है. अमेरिका और रूसी रक्षा प्रमुखों ने शुक्रवार को बात की. अमेरिकी विराष्ट्र मंत्री एंटनी ब्लिंकन और रूसी विराष्ट्र मंत्री सर्गेई लावरोव ने अगले हफ्ते मिलने पर सहमति जताई है.फ्रांस के राष्ट्रपति कामालय ने कहा कि यूक्रेनी और रूसी नेता आने वाले दिनों और आने वाले हफ्तों में एक राजनयिक निवारण की दिशा में कार्य करने के लिए सहमत हुए हैं.
पूर्वी यूक्रेन पर मंडरा रहा है सबसे ज्यादा खतरा
वैसे सबसे ज्यादा खतरा पूर्वी यूक्रेन पर मंडरा रहा है. जहां अलगाववादी संघर्ष 2014 में शुरू हुआ और अब तक इस संघर्ष में 14000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं. यूक्रेन की सेना और अलगाववादी करीब 8 वर्षों से लड़ रहे हैं, लेकिन दोनों पक्षों को अलग करने वाली सीमा पर हाल के दिनों में हिंसा बढ़ गई है. रूस ने शनिवार को कहा कि पूर्वी यूक्रेन की गवर्नमेंट के कब्जे वाले हिस्से से दागे गए कम से कम दो गोले सीमा पार गिरे. हालांकि यूक्रेन के विराष्ट्र मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने रूस के इस दावे को खारिज कर दिया था.
दोनेत्स्क क्षेत्र में रूस समर्थक अलगाववादी गवर्नमेंट के प्रमुख डेनिस पुशिलिन ने शनिवार को बयान जारी कर पूर्ण सैन्य लामबंदी की घोषणा की और रिजर्व बल के मेम्बरों से सेना भर्ती कामालय में आने का निवेदन किया. वहीं लुहांस्क के एक दूसरे अलगाववादी नेता लियोनिद पेसेचनिक ने भी ऐसी ही घोषणा की है. इसी बीच यूक्रेनी सेना के अधिकारियों पर गोलीबारी भी की गई. अधिकारियों ने गोलीबारी से बचने के लिए बम रोधी आश्रय स्थल में शरण ली. अन्य स्थानों पर यूक्रेन के सैनिकों ने कहा कि उन्हें उत्तरी गोलीबारी करने का आदेश नहीं दिया गया है.
रविवार को पुतिन के प्रवक्ता दमित्री पैसकोव ने गवर्नमेंटी टेलीविजन पर प्रसारित एक इंटरव्यू में कहा जैसा कि तनाव अभी चरम पर है तो कोई भी चिंगारी, कोई अनियोजित घटना या उकसावे कि किसी भी मामूली घटना से रिज़ल्ट हानिकारक हो सकते हैं.