US Government Layoffs: अमेरिका में नयी गवर्नमेंट आने के बाद सरकारी कर्मचारियों की जॉब खतरे में पड़ती जा रही है। बीते गुरुवार को यूएस एजेंसी फॉर इंटरनेशनल डेवलपमेंट USAID के हजारों कर्मचारियों को अपने ऑफिस से निकाल दिया गया। सरकारी खर्चों में कटौती के चलते इस एजेंसी को बंद करने का निर्णय लिया गया था। जिससे वहां काम करने वाले कर्मचारियों पर भारी असर पड़ा। जॉब छिन जाने के गम में कुछ कर्मचारी मुख्यालय के बाहर गेट पर ही फूट-फूटकर रो पड़े। उनके परिवार के सदस्य भी इस कठिन घड़ी में उनका हौसला बढ़ाने पहुंचे।
USAID पूरी तरह से बंद ।।
असल में ट्रंप प्रशासन के निर्णय के बाद USAID को पूरी तरह से बंद करने की प्रक्रिया आखिरी चरण में है। इस हफ्ते एजेंसी से जुड़े लगभग 90% से अधिक अनुबंध खत्म कर दिए गए। कर्मचारियों को केवल 15 मिनट में अपना सामान समेटकर बाहर निकलने का आदेश दिया गया। इस दौरान कुछ लोग अपनी कुर्सी और डेस्क को अंतिम बार देखते हुए भावुक हो गए। जूलियन एल्फेन नामक कर्मचारी ने बोला कि यह दिल तोड़ने वाला है। ऐसा लग रहा है जैसे हमने कुछ अनमोल खो दिया हो।
कर्मचारियों के समर्थन में लोग इकट्ठा।।
मुख्यालय के बाहर कर्मचारियों के समर्थन में लोग इकट्ठा हुए और नारे लगाए। एक छोटी बच्ची अपने पिता के लिए हाथ में तख्ती लिए खड़ी थी जिस पर लिखा था कि मुझे आप पर गर्व है, पापा! वहीं, एक स्त्री जब अपने बैग लेकर बाहर निकली तो लोगों के समर्थन में लगाए गए नारों को सुनकर रो पड़ी। साथी कर्मचारियों ने उसे गले लगाया और ढांढस बंधाया। तीन महीने पहले ही भर्ती हुई डेवन बेहरर ने बोला कि यहां आकर विकास कार्यों में सहायता करना मेरा सपना था। लेकिन मेरी योजना सोमवार को समाप्त हो गई।
सरकारी खर्चों में कटौती।।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके सहयोगी एलन मस्क सरकारी खर्चों में कटौती और विदेशी सहायता बंद करने की नीति पर बल दे रहे हैं। उनके अनुसार USAID की परियोजनाओं पर खर्च किया गया पैसा बेकार जा रहा था। हालांकि इस निर्णय से हजारों कर्मचारियों का भविष्य अधर में लटक गया है।