Congress on Ghaza Take Over: कांग्रेस पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के गाजा पट्टी को अपने कब्जे में लेने वाले बयान की आलोचना की और इसे अजीब करार देते हुए ‘अस्वीकार्य’ कहा है. ट्रंप ने हाल ही में गाजा को अपने कब्जे में लेने की बात कही थी और बोला था कि वो गाजा को फिर से ठीक कर देंगे, वहां की जनसंख्या को फिर से बसा सकता है. इसी बयान को लेकर कांग्रेस पार्टी नेता ने मोदी गवर्नमेंट से भी अपनी स्थिति साफ करनी की मांग की है.
जय राम रमेश ने क्या कहा?
उन्होंने एक्स पर लिखा,’राष्ट्रपति ट्रंप का गाजा के भविष्य को लेकर दिया गया बयान अजीब, घातक और पूरी तरह अस्वीकार्य है. सिर्फ़ दो-राज्य निवारण ही फिलिस्तीनी लोगों की आज़ादी और सम्मान के साथ जीने की पूरी तरह वैध आकांक्षाओं को पूरा कर सकता है और साथ ही इजराइल की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकता है. यही पश्चिम एशिया में स्थायी शांति का एकमात्र रास्ता है.‘ कांग्रेस पार्टी नेता ने इस मुद्दे पर मोदी गवर्नमेंट से भी दखल देने की बात कही है.
ट्रंप ने गाजा को लेकर क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप की घोषणा किया कि अमेरिका गाजा पट्टी पर कंट्रोल करेगा, वहां के घातक हथियार नष्ट करेगा, तबाह इमारतों को हटाएगा और क्षेत्र के आर्थिक विकास के लिए काम करेगा, इस पर पूरे विश्व से प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. हमास के सीनियर अधिकारी सामी अबू जुहरी ने ट्रंप की योजना को ‘बेतुका और हास्यास्पद’ बताते हुए बोला कि यह क्षेत्र में अशांति और तनाव को बढ़ाने वाली योजना है. उन्होंने कहा,’गाजा पर नियंत्रण करने की ट्रंप की ख़्वाहिश हास्यास्पद है और ऐसे किसी भी विचार से क्षेत्र में आग भड़क सकती है. गाजा के लोग ऐसी किसी योजना को सफल नहीं होने देंगे.‘
हमास ने क्या दी प्रतिक्रिया
ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब हमास और इजरायल के बीच युद्ध विराम चल रहा है और संघर्ष के बाद गाजा के भविष्य को लेकर प्रश्न उठ रहे हैं. हमास के प्रवक्ता अब्देल लतीफ अल-कानौ ने बोला कि अमेरिका का यह नस्लवादी रुख इजराइली चरमपंथियों के रुख के बराबर है, जो हमारे लोगों को बेदखल कर हमारी पहचान मिटाना चाहते हैं.‘
इजरायल में उपस्थित घरों में जाना चाहते हैं फिलिस्तीनी
फिलिस्तीन मुक्ति संगठन (PLO) के महासचिव हुसैन अल-शेख ने बोला कि फिलिस्तीनी अपने राष्ट्र से जबरन निकाले जाने के किसी भी प्रस्ताव को पूरी तरह अस्वीकार करते हैं. संयुक्त देश में फिलिस्तीन के प्रतिनिधि रियाद मंसूर ने बोला कि गाजा के लोगों को उनके ‘मूल घरों’ में वापस जाने की अनुमति दी जानी चाहिए जो कभी इजराइल में हुआ करते थे.