बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने 2-1 से अजेय बढ़त बना ली है. पांच मैचों की टेस्ट सीरीज का अंतिम टेस्ट मैच सिडनी में 3 फरवरी से खेला जाएगा. वहीं कंगारू टीम भले ही सीरीज में 2-1 से आगे हो लेकिन कप्तान पैट कमिंस ने साफ कर दिाय है कि सिडनी टेस्ट में इससे टीम की एनर्जी पर कोई असर नहीं पड़ेगा और उनकी टीम 3-1 से जीतने के इरादे से उतरेगी.
ऑस्ट्रेलिया ने 10 वर्ष के बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉपी पर हाथ नहीं लगाया है लेकिन यदि सिडनी टेस्ट ड्रॉ कराती है या फिर जीतती है तो ट्रॉफी पर उसका कब्जा हो जाएगा. जबिक हिंदुस्तान को जीत मिली तो सीरीज 2-2 से बराबर पर छूटेगी और मेहमान होने के नाते ट्रॉफी हिंदुस्तान के कब्जे में ही रहेगी.
ऑस्ट्रेलिया ने बॉक्सिंग डे टेस्ट 184 रन से जीतकर 2014-15 के बाद बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी जीतने की ओर कदम बढ़ा दिया है. कमिंस ने बोला कि, सीरीज में आगे होना अच्छा रहता है. आप हर टेस्ट मैच जीत के इरादे से ही खेलते हैं और यहां भी कुछ अलग नहीं है. उन्होंने बोला कि पिछले तीन टेस्ट में टीम के प्रदर्शन से मैं बहुत खुश हूं. हमने दिखा दिया कि हम जीत के प्रबल दावेदार हैं और इस सप्ताह भी हमारा लक्ष्य जीतना ही है. उन्होंने स्वीकार किया कि टीम के सामने कुछ मसले हैं.
उन्होंने बोला कि, इसमें कोई संदेह नहीं कि कुछ मौकों पर हम और रन बनाना चाहते थे. मेलबर्न में पिछले टेस्ट में हमें 400-500 रन की बढ़त लेनी चाहिए थी. हम इतनी अच्छी स्थिति में थे, लेकिन यही टेस्ट क्रिकेट है. कमिंस ने बोला कि सिडनी क्रिकेट ग्राउंड की पिच पारंपरिक पिच से अलग है जिस पर स्पिनरों और बल्लेबाजों को सहायता मिलती है.
साथ ही उन्होंने बोला कि, ये एससीजी की पारंपरिक पिच से अलग है. इस वर्ष यहां शेफील्ड शील्ड के दो मैच अच्छे रहे और टीमें विकेट से खुश थीं. इससे गेंदबाजों को सहायता मिलेगी और बल्लेबाज भी रन बना सकेंगे. कुछ समय इस पर बल्लेबाजी आसान होगी तो आखिर में ये स्पिनरों की मददगार रहेगी. मैंने यहां कुछ टेस्ट खेले हैं लेकिन बाकी वनडे ही खेले हैं तो मैं कोई स्पेशलिस्ट नहीं हूं.
वहीं कमिंस ने जसप्रीत बुमराह के बारे में बोला कि, वह बहुत अच्छी गेंदबाजी कर रहा है. उसका सामना करना मुश्किल है. उन्होंने बोला कि, आशा हे कि जब मैं बल्लेबाजी के लिए उतरूंगा तब शाम होगी और वह काफी गेंदबाजी कर चुका होगा जिससे मेरे लिए सरलता होगी. मैंने भिन्न-भिन्न फॉर्मेट में उसका सामना किया है लेकिन उसका सामना करना मुश्किल है.