ST/SC, OBC Reservation in UPSC: संघ लोक सेवा आयोग यानि यूपीएससी इसलिए चर्चा में है, क्योंकि हाल ही में इसके चेयरमैन के पद पर प्रीति सूदन की नियुक्ति हुई है, वहीं यूपीएससी ने एक सख्त कदम उठाते हुए महाराष्ट्र कैडर की ट्रेनी आईएएस पूजा खेडकर की उम्मीदवारी रद्द की है. पूजा खेडकर ने 2022 में यूपीएससी की परीक्षा दी थी. इल्जाम है कि कम रैंक पाने के बाद भी उन्होंने स्वयं को नॉन क्रीमी लेयर ओबीसी (OBC) बताकर आरक्षण का फायदा लिया था और आईएएस (IAS) की रैंक पाने में सफल रहीं. जिसके बाद यह चर्चा जोरों पर है कि अंतिम यूपीएससी में ओबीसी को कितना आरक्षण मिलता है. इसी तरह आज उच्चतम न्यायालय ने भी आरक्षण को लेकर एससी/एसटी कटैगरी में सब कटैगेरी बनाने की बात कही है. ऐसे में आइए समझते हैं कि यूपीएससी परीक्षा में ओबीसी, एससी/एसटी को कितना आरक्षण मिलता है और वह यूपीएससी की परीक्षा कितनी बार दे सकते हैं?
OBC, ST/SC को कितना मिलता है आरक्षण?
संघ लोक सेवा आयोग यूपीएससी की परीक्षा में भिन्न भिन्न वर्ग के लिए भिन्न भिन्न आरक्षण देने का प्रावधान किया गया है. बता दें कि यूपीएससी में ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों को 27 प्रतिशत आरक्षण मिलता है. इसी तरह एससी (SC) यानि अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को 15 प्रतिशत आरक्षण दिया गया है. एसटी (ST) वर्ग यानि अनुसूचित जनजाति के कैंडिडेट्स को यूपीएससी में 7.5 प्रतिशत आरक्षण का फायदा मिलता है.
सामान्य वर्ग के लिए क्या?
यूपीएससी परीक्षा में सामान्य वर्ग को कोई आरक्षण नहीं दिया जाता. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा (CSE)में सामान्य श्रेणी (जनरल कैटेगरी)के उम्मीदवारों को अधिकतम 6 बार तक परीक्षा देने की अनुमति है. ये सभी कोशिश 21 से 32 साल की आयुसीमा के बीच ही किए जा सकते हैं. अब प्रश्न यह उठता है कि इन प्रयासों की गिनती कैसे की जाएगी, तो जान लीजिए कि यदि कोई सामान्य वर्ग का अभ्यर्थी यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा के किसी भी पेपर में उपस्थित हेाता है, तो उसे कोशिश माना जाएगा. यदि कोई उम्मीदवार परीक्षा के लिए आवेदन करता है, लेकिन किसी भी पेपर की परीक्षा में शामिल नहीं होता है, तो इसे कोशिश नहीं माना जाएगा.
किसको मिलते हैं कितने अटेप्ट?
यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा (CSE)में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम 9 प्रयासों की अनुमति दी गई है, यानि कोई भी ओबीसी उम्मीदवार 9 बार यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हो सकता है. इसके अतिरिक्त ओबीसी उम्मीदवारों को आयुसीमा में 3 वर्ष की अतिरिक्त छूट भी दी जाती है. ओबीसी श्रेणी के अभ्यर्थी 21 से 35 साल की उम्र तक यूपीएससी परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसी तरह यूपीएससी परीक्षा में दिव्यांगों को भी आयुसीमा में तीन वर्ष तक की छूट मिलती है. अब बात एसटी और एससी श्रेणी के उम्मीवारों की. एसटी एससी उम्मीदवारों को यूपीएससी की परीक्षा देने की कोई लिमिट तय नहीं है यानि कि वह यूपीएससी परीक्षा में अनलिमिटेड अटैप्ट कर सकते हैं, लेकिन शर्त यह है कि 37 साल की उम्र तक ही. यानि 37 वर्ष की उम्र तक एसटी/एससी के अभ्यर्थी यूपीएससी की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं. उन्हें यूपीएससी का फॉर्म भरने के लिए कोई शुल्क भी नहीं देना होता है.