चंडीगढ़. मनीमाजरा के रहने वाले व्यवसायी चैतन्य अग्रवाल के विरुद्ध आठ करोड़ रुपये की फर्जीवाड़ा के मुद्दे में शिकायतकर्ता पूर्व सांसद किरण खेर की जिला न्यायालय में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गवाही होगी. खेर की कम्पलेन पर पुलिस ने पिछले वर्ष अग्रवाल के विरुद्ध फर्जीवाड़ा का मुकदमा दर्ज किया था. लेकिन बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया. जिस वजह से पुलिस ने इस मुद्दे में अग्रवाल के विरुद्ध एफआइआर रद्द करने के लिए न्यायालय में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी. इस रिपोर्ट पर सांसद खेर के बयान के बाद ही निर्णय होगा. ऐसे में न्यायालय ने उन्हें समन कर पेश होने के लिए नोटिस किया था.
लेकिन खेर की ओर से एडवोकेट प्रद्युमन गर्ग ने न्यायालय में एक अर्जी दाखिल की और बोला कि वे स्वास्थ्य कारणों से न्यायालय में पेश नहीं हो सकती हैं. उन्होंने बोला कि खेर कैंसर से जूझ रही हैं और उनका इस समय ईलाज चल रहा है. उनकी फोर्टिस हॉस्पिटल मोहाली से कीमोथैरेपी चल रही है. जिस वजह से उनका स्वास्थ्य काफी खराब हो गया और डाक्टरों ने भी उन्हें बाहर निकलने से इंकार किया है. इसलिए उन्होंने न्यायालय में अर्जी दाखिल कर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए गवाही करवाए जाने की मांग की थी. उनकी इस अर्जी को न्यायालय ने मंजूर कर दिया है.अब उनकी गवाही वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए होगी. अब मुद्दे की सुनवाई 19 जुलाई को होगी.
ये है मामला…
खेर ने पुलिस को दी कम्पलेन में कहा था कि अग्रवाल ने उन्हें भिन्न-भिन्न योजनाओं में निवेश करने के लिए प्रेरित किया. उनकी बातों में आकर खेर ने उन्हें आठ करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए. अग्रवाल ने उन्हें इस धनराशि पर 18 फीसदी ब्याज देने का वादा किया. लेकिन उसने ये धनराशि उन्हें लौटाई नहीं विपरीत धनराशि को कहीं और निवेश कर दिया. आरोपित ने ये धनराशि लौटाने की बजाय पंजाब-हरियाणा उच्च न्यायालय में एक याचिका दाखिल कर दी और बोला कि सांसद किरण खेर से उसे जान का खतरा है. ऐसे में खेर ने उसके विरुद्ध पुलिस को कम्पलेन दी और पूरे मुद्दे के बारे में बताया. पुलिस ने फिर अग्रवाल के विरुद्ध फर्जीवाड़ा का मुकदमा दर्ज कर लिया.