Saurabh Netravalkar Sister: टी20 वर्ल्ड कप में अपना मैच खेलने के बाद खिलाड़ी क्या करते होंगे? कुछ तो आराम फरमाते होंगे, कुछ फिटनेस रूटीन फॉलो करते होंगे और कुछ किसी अन्य ढंग से एंज्वॉय करते होंगे. लेकिन यूएसए टीम के सदस्य सौरभ नेत्रवलकर की कहानी एकदम अलग है. इस कहानी को शेयर किया है सौरभ नेत्रवलकर की बहन निधि ने. निधि के अनुसार यूएसएस टीम के लिए मैच खेलने के बाद होटल में बैठकर अपने ऑफिस का काम करते हैं. बता दें कि सौरभ नेत्रवलकर ने अपनी टीम के लिए बहुत बढ़िया प्रदर्शन किया है. उन्होंने जहां पाक के विरुद्ध सुपर ओवर में 18 रनों का बचाव किया. वहीं, हिंदुस्तान के विरुद्ध मैच में विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों के विकेट हासिल किए. वह अभी तक यूएसए के लिए तीन मैचों में चार विकेट ले चुके हैं.
क्रिकेट के मैदान पर तो सौरभ अपनी बहुत बढ़िया बॉलिंग से बल्लेबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं. लेकिन मैदान के बाहर भी उनके लिए जीवन सरल नहीं है. मैच समाप्त होने के बाद वह होटल में बैठकर अपने ऑफिस का काम करते हैं. उल्लेखनीय है कि सौरभ नेत्रवलकर एक क्रिकेटर होने के साथ-साथ ओरेकल में सॉफ्टवेयर इंजीनियर भी हैं. यहां पर उनकी नौकरी काफी डिमांडिंग है. ऐसे में क्रिकेट के मैदान पर अपने हुनर का जादू बिखेरने के बाद कंपनी के काम में जुट जाते हैं. सौरभ की बहन निधि के अनुसार वह बहुत खुशनसीब है कि उसे पूरे करियर में बहुत अधिक सपोर्ट करने वाले मिले. उसे पता है कि जब वह क्रिकेट नहीं खेल रहा होगा तो उसे अपना पूरा ध्यान जॉब पर लगाना होगा. ऐसे में वह जहां भी जाता है अपना लैपटॉप लेकर जाता है. कंपनी ने उसे छूट दे रखी है कि वह कहीं से भी काम कर सकता है.
सौरभ की बहन ने आगे कहा कि कैसे उनका भाई अपनी प्रोफेशनल और स्पोर्ट्स से जुड़ी जिम्मेदारियों को निभाता है. निधि ने कहा कि जब वह हिंदुस्तान आता है तो अपना लैपटॉप लेकर आता है. उन्होंने कहा कि सौरभ काफी अधिक डेडिकेटेड है. निधि इसके पीछे की वजह, मुंबई में उसके पालन-पोषण को भी मानती हैं. उन्होंने बोला कि कह सकते हैं कि यह उसके अंदर का मुंबईकर है. यह हमेशा ही उसके अंदर रहता है. ओरेकल कंपनी में काम करने वाले इस 32 वर्ष के खिलाड़ी ने हिंदुस्तान की तरफ से अंडर-19 विश्व कप में स्सा लिया था. इसके बाद स्कॉलरशिप मिलने पर प्रतिष्ठित कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में उच्च शोध के लिए अमेरिका जाने का निर्णय किया. अमेरिका आने पर उनकी क्रिकेट यात्रा पर थोड़ा ब्रेक लगा, लेकिन उन्होंने खेल को फिर से प्रारम्भ किया और अमेरिकी टीम के अहम सदस्य बन गये. नेत्रवलकर का परिवार अब भी हिंदुस्तान में है.