नई दिल्ली. पीएम मोदी दो दिन की ध्यान साधना के लिए कन्याकुमारी रॉक मेमोरियल गए हुए हैं. इसे लेकर विपक्ष हमलावर है. कांग्रेस पार्टी पार्टी ने चुनाव आयोग से पीएम के मेडिटेशन को टीवी पर नहीं दिखाने की मांग की है. ध्यान साधना में लीन प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की तस्वीर सामने आने के बाद कांग्रेस पार्टी पार्टी ने धावा कहा है.
कांग्रेस नेता उदित राज ने बोला कि मीडिया निष्पक्ष नहीं है. गवर्नमेंट के नियंत्रण में मीडिया काम कर रही है. मोदी जी ध्यान नहीं कैंपेन कर रहे हैं. ध्यान के लिए अकेलापन चाहिए, लेकिन मोदी जी कैमरा लेकर ध्यान कर रहे हैं.
उन्होंने बोला कि चुनाव आयोग बीजेपी की इकाई के तौर पर काम कर रही है. चुनाव आयोग से इसके प्रसारण पर रोक लगाने कि मांग कि गई थी, लेकिन चुनाव आयोग ने कोई संज्ञान नहीं लिया. संविधान बचाने के लिए हमने चुनाव लडा है, हमें आशा है कि राष्ट्र की जनता हम लोगों का साथ देगी. चार जून तक हमें प्रतीक्षा करना होगा.
पीएम मोदी की ओर से कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी को करप्ट बताये जाने पर उदित राज ने बोला कि सारे भ्रष्टाचारी आज मोदी जी के साथ हैं, जिस पर उन्होंने करप्शन का इल्जाम लगाया, उसको बीजेपी में शामिल करा लिया गया. शरत रेड्डी, प्रफुल्ल पटेल, छगन भुजबल आदि पर करप्शन का इल्जाम था, आज ये सारे बीजेपी के साथ हैं.
उन्होंने बोला कि मोदी ने स्वयं बोला था कि एनसीपी पर 70 हजार करोड़ के घोटाले का इल्जाम है और एनसीपी के नेता अजीत पवार को अपनेे गठबंधन में शामिल कर लिया. ये जिसपर इल्जाम लगाते हैं, उसको बाद में अपनी पार्टी में शामिल करा लेते हैं. आज सबसे अधिक भ्रष्टाचारी पार्टी बीजेपी है और मोदी जी सबसे बड़े भ्रष्टाचारी हैं.
रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया की ओर से ब्रिटेन में जमा 100 टन से अधिक सोना हिंदुस्तान लाये जाने को लेकर उदित राज ने बोला कि यदि महंगाई पर नियंत्रण न हो, काला धन नहीं रुकती, $ के मुकाबले रुपया मजबूत न हो, तो इसका क्या मतलब. जब तक $ के मुकाबले रुपया मजबूत न हो, तो इसका क्या मतलब. जब तक महंगाई पर नियंत्रण न हो, रोजगार न मिले, तो इसका क्या मतलब है.
भाजपा के 400 पार के दावे पर उन्होंने बोला कि यदि ईवीएम से कोई छेड़छाड़ नहीं हुई, तो इण्डिया गठबंधन की गवर्नमेंट तय है. मेरा मानना है कि यदि बेईमानी नहीं की गई, तो इण्डिया गठबंधन की गवर्नमेंट बनेगी. अभी भी पीएम कैंपेन कर रहे हैं और आचार संहिता का उलंघन कर रहे हैं. टीवी पर मेडिटेशन का प्रसारण किया जा रहा है.
उन्होंने बोला कि आपने देखा है कि किस प्रकार इलेक्शन कमीशन ने वोटिंग परसेंटेज को जारी करने में देरी किया है. बाद में आंकड़े को बढ़ाकर जारी किया गया है. बीजेपी के चुनावी कैंपेन में कोई दिखाई नहीं दिया. भीड़ पैसे देकर जुटाई जा रही थी. इनके कार्यकर्ता, इनसे नाराज हैं, क्योंकि 10 वर्ष में उनको कुछ मिला नहीं. बीजेपी को इस बार 100 से 150 सीट आएगी. वहीं इण्डिया गठबंधन को 300 से अधिक सीटें मिलेंगी.