भारत के संसद की सुरक्षा अब सीआईएसएफ (Central Industrial Security Force, CISF) यानि केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के हाथों में होगी। पहले इसकी सुरक्षा में 1400 से अधिक केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल यानि सीआरपीएफ (Central Reserve Police Force, CRPF) के जवान लगे थे। अब 3300 सीआईएसएफ के जवान इसकी सुरक्षा करेंगे। जिसके बाद प्रश्न यह उठ रहा है कि आखिर इन दोनों सुरक्षा बलों में क्या अंतर है। दोनों को कितनी सैलरी मिलती है और उनके कार्यों में क्या फर्क होता है।
सीआरपीएफ (Jobs in CRPF): सबसे पहले बात केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल यानि सीआरपीएफ की। आपको बता दें कि सीआरपीएफ राष्ट्र के सभी केंद्रीय सशस्त्र बलों में सबसे बड़ा पुलिस बल है। इन सुरक्षा बलों की किरदार राज्य/संघ शासित प्रदेशों की कानून-व्यवस्था और आतंकवाद से लड़ने की है। सीआरपीएफ का इतिहास काफी पुराना है। इसकी स्थापना साल 1939 में क्राउन रिप्रेजेंटेटिव पुलिस के रूप में हुई थी। बाद में राष्ट्र के आजाद होने के बाद 28 दिसंबर 1949 को सीआरपीएफ अधिनियम के लागू होने के बाद इसे केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का नाम दे दिया गया।