आज नोएडा के लाखों लोग पिछले 2 दशकों के सबसे बड़े महाजाम से जूझे। इसका असर सिर्फ़ नोएडा तक नहीं है बल्कि ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और दिल्ली से नोएडा आने वाले लोग भी इसके शिकार हुए। इस जाम की वजह थी, अपनी विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली जाने पर अड़े किसानों का आंदोलन। ऐसा नहीं है कि ऐसा आंदोलन शहर में पहली बार हुआ है या नोएडा-ग्रेनो के किसानों ने पहली बार संसद भवन का घेराव करने के लिए कूच किया हो। इससे पहले भी आंदोलन और दिल्ली कूच के घोषणा हुए लेकिन सूझबूझ और बेहतरीन रणनीति के जरिए हर बार उनसे शांतिपूर्व ढंग से निपट लिया गया और शहर के लोग जाम का शिकार होने से बच गए। लेकिन इस बार पुलिस ऑफिसरों ने आंदोलन से निपटने के लिए कैजुअल अप्रोच अपनाई और उससे निपटने के लिए ठोस रणनीति नहीं बनाई, जिसके चलते गुरुवार का दिन दिल्ली-एनसीआर के लाखों लोगों के लिए ‘ब्लैक डे’ बन गया।
किसानों ने पहले ही कर दिया था ऐलान