इलेक्ट्रिक सिग्नल हमारे दिल की धड़कनों को कंट्रोल करने का काम करता है। जब या कुछ देर या फिर पूरी तरह से बंद हो जाता है। तो इसको हार्ट ब्लॉकेज बोला जाता है। इस स्थिति में दिल की धड़कनें काफी धीमी हो जाती हैं। या फिर दिल धड़कना बंद कर देता है। ऐसा होने पर हमारा शरीर ठीक तरह से ब्लड को पंप नहीं कर पाता है। इस स्थिति में बेहोशी, थकान, चक्कर आना और सांस लेने में तकलीफ होती है।
किसी भी आदमी के लिए हार्ट ब्लॉकेज होना बहुत घातक हो सकता है। इसके कारण आदमी की जान भी जा सकती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस तरह के लोगों को हार्ट ब्लॉकेज की परेशानी का अधिक खतरा होता है। साथ ही इसके बचाव के क्या तरीका हैं।