Maglev Train: चंद महीने पहले ही छठ का महापर्व समाप्त हुआ। इस दौरान राष्ट्र के अनेक हिस्सों से कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें पूर्वांचल और बिहार जाने वालों की भीड़ राष्ट्र के भिन्न-भिन्न रेलवे स्टेशनों पर देखी गई। ट्रेन की बोगियों में लोग ठूस-ठूस कर भरे हुए थे। ऐसे में कुछ हादसों की भी खबरें आईं। यदि कोई ऐसी ट्रेन हो, जो महज एक घंटे में आपको दिल्ली से बिहार पहुं
चीन को मिली बड़ी सफलता
आपको जानकर आश्चर्य होगी कि चीन ने इस ट्रेन का ट्रायल सफलतापूर्वक कर लिया है। इसका ट्रायल चीन के शांसी क्षेत्र में किया गया है। इस एक्सपेरिमेंट के अनुसार करीब दो किलोमीटर लंबी पाइप लाइन से ट्रेन को गुजारा गया। इस ट्रेन की रफ्तार 1000 किलोमीटर प्रति घंटा की होगी। एक्सपर्ट्स इसे अल्ट्रा हाई-स्पीड मैग्नेटिक लेविटेशन यानी मैग्लेव (Maglev) कह रहे हैं। इस ट्रेन का परीक्षण चाइना एयरोस्पेस साइंस एंड इंडस्ट्री कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CASIC) द्वारा किया गया।
डिजाइन, गति और नेविगेशन की हो चुकी है जांच
इस एक्सपेरिमेंट के अनुसार रिसर्चर्स ने दो किलोमीटर लंबी पाइप लाइन में वैक्यूम क्रिएट किया। इसके बाद पाइप लाइन के अंदर ट्रेन का संचालन किया। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इसे भविष्य में हांगझोऊ से शंघाई के बीच चलाने की तैयारी है। इसके संचालन के लिए सुपरकंडक्टिंग मैग्लेव टेस्ट लाइन भी तैयार की गई है। CASIC के वैज्ञानिक ली पिंग के मुताबिक, इसके शुरुआती प्रयोग में चीन को कामयाबी मिल चुकी है। इस दौरान ट्रेन के डिजाइन, गति और नेविगेशन की जांच की गई। इस प्रयोग से जुड़े रिसर्चर बताते हैं कि ट्रेन ने सभी टेस्ट्स को पास कर लिया है। लेकिन इसे वर्किंग कंडीशन में लाने में काफी खर्च आने वाला है। बता दें कि कि टेस्टिंग के दौरान ट्रेन की गति महज 623 किलोमीटर प्रतिघंटा रखी गई थी। भविष्य वैक्यूम के सहारे इसकी गति 1000 किलोमीटर प्रति घंटा तक बढ़ाई जा सकेगी।