नई दिल्ली। पीएम मोदी ने विकसित हिंदुस्तान के संकल्प में हिंदुस्तान के शहरों की जरूरी किरदार को रेखांकित करते हुए दावा किया है कि गवर्नमेंट आज राष्ट्र के टीयर-2 और टीयर-3 शहरों के विकास पर विशेष बल दे रही है और कुल 27 शहरों में मेट्रो या तो प्रारम्भ हो चुकी है या काम चल रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ‘विकसित हिंदुस्तान संकल्प यात्रा’ (शहरी) के लाभार्थियों के साथ औनलाइन संवाद करते हुए बोला कि विकसित हिंदुस्तान के संकल्प में हमारे शहरों की बहुत बड़ी किरदार है। आजादी के लंबे समय तक जो भी विकास हुआ, उसका दायरा राष्ट्र के कुछ बड़े शहरों तक सीमित रहा। लेकिन, आज उनकी गवर्नमेंट राष्ट्र के टीयर-2 और टीयर-3 शहरों के विकास पर बल दे रही है। राष्ट्र के सैंकड़ों छोटे शहर ही विकसित हिंदुस्तान की भव्य इमारत को सशक्त करने वाले हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आगे बोला कि अमृत मिशन हो या स्मार्ट सिटी मिशन, इनके अनुसार छोटे शहरों में मूल सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। गरीब हो, न्यू मिडिल क्लास हो, मिडिल क्लास हो या संपन्न परिवार हो, हर किसी को बढ़ती हुई सुविधाओं का फायदा मिल रहा है। पीएम मोदी ने हरी झंडी दिखाकर राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और मिजोरम में भी इस यात्रा का शुरुआत करते हुए इन पांचों राज्यों की नवनिर्वाचित सरकारों से भी विकसित हिंदुस्तान संकल्प यात्रा का अपने राज्य में तेजी से विस्तार करने का आग्रह किया। इन पांचों राज्यों में चुनाव आचार संहिता की वजह से अब तक ये यात्रा प्रारम्भ नहीं हो पाई थी।
‘विकसित हिंदुस्तान संकल्प यात्रा’ का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने बोला कि विकसित हिंदुस्तान के संकल्प के साथ मोदी की गारंटी वाली वाहन राष्ट्र के कोने-कोने में पहुंच रही है। इस यात्रा को प्रारम्भ हुए एक महीना पूरा हो चुका है। इस एक महीने में ये यात्रा हजारों गांवों के साथ-साथ डेढ़ हजार शहरों में भी पहुंच चुकी है। इनमें से अधिकांश शहर छोटे शहर हैं। विकसित हिंदुस्तान संकल्प यात्रा को हरी झंडी भले ही मोदी ने दिखाई है, लेकिन सच्चाई ये है कि आज देशवासियों ने उस यात्रा की कमान संभाल ली है। एक स्थान जहां पर यात्रा समाप्त होती है, वहां से दूसरे गांव या शहर के लोग इस यात्रा की प्रतिनिधित्व करने लग जाते हैं।
कोरोना काल का जिक्र करते हुए पीएम ने बोला कि जब कोविड-19 का इतना बड़ा संकट आया था, तो गवर्नमेंट ने लोगों की सहायता करने में कोई कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ी। उनकी गवर्नमेंट ने कोविड-19 के संकट के दौरान 20 करोड़ स्त्रियों के बैंक खाते में हजारों करोड़ रुपये ट्रांसफर किए। ये उनकी गवर्नमेंट है, जिसने हर आदमी को कोविड-19 की निःशुल्क वैक्सीन सुनिश्चित कराई। गवर्नमेंट ने ही कोविड-19 काल में हर गरीब के लिए निःशुल्क राशन की योजना प्रारम्भ की।
शहरी परिवारों की सहायता के लिए उठाए गए कदमों का जिक्र करते हुए पीएम ने आगे बोला कि आज पीएम स्वनिधि योजना से रेहड़ी-पटरी वाले साथियों को बैंकों से सस्ता और सरल कर्ज मिल रहा है। राष्ट्र में 50 लाख से अधिक ऐसे साथियों को बैंकों से सहायता मिल चुकी है। इस यात्रा के दौरान भी सवा लाख साथियों ने मौके पर ही पीएम स्वनिधि के लिए आवेदन किया है। इस योजना के 75 फीसदी से अधिक लाभ पाने वाले दलित, पिछड़े और आदिवासी समाज के साथी हैं, इसमें भी करीब 45 फीसदी लाभ पाने वाले महिलाएं है। यानी जिनके पास बैंक में रखने के लिए कोई गारंटी नहीं थी, मोदी की गारंटी उनके काम आ रही है।
प्रधानमंत्री ने बोला कि उनकी गवर्नमेंट गांवों से रोजगार के लिए शहर आने वाले गरीब भाई-बहनों की मुश्किलों को समझती है। उनकी परेशानी थी कि उनके गांव का राशन कार्ड दूसरे राज्य के शहरों में नहीं चलता था। इसलिए ही उन्होंने ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ बनाया। अब एक ही राशन कार्ड पर कोई भी परिवार गांव या शहर में राशन ले सकता है। पिछले 9 सालों में केंद्र गवर्नमेंट 4 करोड़ से अधिक घर बना चुकी है। इसमें से 1 करोड़ से अधिक घर शहरी गरीबों को मिले हैं। उनकी गवर्नमेंट मिडिल क्लास परिवारों के घर का सपना पूरा करने में भी हर संभव सहायता कर रही है। क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्किम के अनुसार अभी तक लाखों मध्यम वर्गीय परिवारों को सहायता दी जा चुकी है।
उन्होंने आगे बोला कि शहरों में गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बेहतर जीवन देने के लिए एक और बड़ा माध्यम पब्लिक ट्रांसपोर्ट का होता है। आधुनिक पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए जो काम बीते 10 सालों में हुआ है, वो अतुलनीय है। 10 साल से भी कम समय में 15 नए शहरों में मेट्रो सेवा का विस्तार हुआ है। आज कुल 27 शहरों में मेट्रो या तो चल चुकी है या मेट्रो पर काम चल रहा है। बीते सालों में राष्ट्र के शहरों में इलेक्ट्रिक बसें चलाने के लिए भी केंद्र गवर्नमेंट ने हजारों करोड़ रुपये खर्च किये हैं। पीएम ई-बस सेवा अभियान के अनुसार अनेक शहरों में इलेक्ट्रिक बसों को चलाया जा रहा है। दो-तीन दिन पहले ही दिल्ली में भी केंद्र गवर्नमेंट ने 500 नयी इलेक्ट्रिक बसें प्रारम्भ करवाई हैं। अब दिल्ली में केंद्र गवर्नमेंट द्वारा चलाई गई इलेक्ट्रिक बसों की संख्या 1,300 को पार कर गई है।