मूवीज न्यूज़ डेस्क – गधा या डंकी…शाहरुख खान की नयी फिल्म का ठीक नाम क्या होना चाहिए? फिल्म की घोषणा से लेकर इसके पोस्टर रिलीज तक दोनों ही तरह से इसकी चर्चा रही। सोशल मीडिया से लेकर लोगों की जुबान पर दोनों के नाम का इस्तेमाल हो रहा है। हालांकि फिल्म के पोस्टर में डिंकी शब्द का स्पष्ट रूप से इस्तेमाल किया गया है। ऐसे में प्रश्न ये है कि फिल्म का ठीक नाम डिंकी या डंकी क्या है। आइए जानते हैं इसका ठीक मतलब क्या है और फिल्म के नाम से इसका क्या कनेक्शन है। आइए सबसे पहले यह समझें कि भ्रम की आरंभ कहां से हुई। दरअसल, DUNKI और DONKEY दोनों शब्दों पर नजर डालें तो DUNKI के उच्चारण को लेकर भ्रम बढ़ गया। लेकिन दोनों का उच्चारण एक ही हैयहीं से भ्रम पैदा हुआ। हालाँकि, शाहरुख खान ने अपने ट्विटर पर इसका अर्थ और उच्चारण दोनों समझाया।
सोशल मीडिया पर #AskSRK सेशन में एक यूजर ने शाहरुख खान से इससे जुड़ा प्रश्न पूछा था। यूजर ने लिखा था, क्या आप इस फिल्म का नाम DUNKI रखने का कारण बता सकते है। यूजर के इस प्रश्न का उत्तर देते हुए शाहरुख खान ने एक्स (ट्विटर) पर इसका उच्चारण और मतलब कहा था। शाहरुख लिखते हैं, डनकी को भी डंकी ही पढ़ा जाएगा, जैसे हंकी, फंकी और मंकी को पढ़ा जाता है। डनकी शब्द वास्तव में डिंकी उड़ान से संबंधित है। फिल्म का विषय भी गधे की उड़ान से संबंधित है। इसका मतलब है किसी राष्ट्र में गैरकानूनी ढंग से प्रवेश लेना। इसके लिए ऐसे ढंग ढूंढे जाते हैं जिससे बिना किसी वीजा या पासपोर्ट के किसी भी राष्ट्र में प्रवेश किया जा सके।
इस गैरकानूनी ढंग से राष्ट्र में प्रवेश पाने के लिए जिस रास्ते का इस्तेमाल किया जाता है उसे गधा रूट बोला जाता है। दुनिया में ऐसे कई राष्ट्र हैं जहां डिंकी रूट प्रसिद्ध हैं। यदि आप गूगल या यूट्यूब पर USA Donkey सर्च करेंगे तो पाएंगे कि ऐसे कई वीडियो हैं जो बताते हैं कि राष्ट्र में अवैध ढंग से कैसे घुसना है। गधा उड़ान व्यवसाय पंजाब में व्यापक है। जहां की जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा विदेश जाकर वहीं बसना चाहता है। फर्स्ट पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह कारोबार यूपी और हिमाचल में भी फैला हुआ है। और गुजरात पहुंच गए हैं।
इसमें युवाओं की भागीदारी सबसे अधिक है। जो युवा अपने सपनों को पूरा करने के लिए कहीं विदेश जाना चाहते हैं। इसमें ट्रैवल एजेंट बड़ी किरदार निभाते हैं। इसमें कुछ तो आधिकारिक तौर पर उन्हें विदेश जाने में सहायता करते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो उन्हें वहां ले जाने के लिए अवैध ढंग अपनाते हैं। ऐसे में कई बार वे गैरकानूनी ढंग से सीमा पार करते हुए पकड़े जाते हैं। वहीं, कुछ ऐसे भी होते हैं जो नए राष्ट्र में एंट्री लेने में सफल हो जाते हैं।