इंदौर: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले कांग्रेस पार्टी के MLA और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी की मुश्किलें बढ़ती नज़र आ रही है, जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी उर्फ कुलभूषण को गुरुवार देर शाम अपराध ब्रांच द्वारा अरेस्ट कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। कुलभूषण पांच साल पुराने एक प्रकरण में फरार चल रहे थे और उन्हें अपराध ब्रांच द्वारा अरेस्ट कर कारावास में डाल दिया गया है। मगर, विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार के भाई का संगीन मुद्दे में कारावास जाना आने वाले विधानसभा चुनाव में उनके लिए काफी समस्याएं भी पैदा कर सकता है।
बता दें कि, इंदौर जिले की राउ विधानसभा सीट से कांग्रेस पार्टी प्रत्याशी और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी पर 2017 में मर्डर के कोशिश के मुद्दे में फरार चल रहे थे। लगभग 6 वर्ष तक फरार रहने के बाद उन्हें अपराध ब्रांच ने अरैस्ट कर कारावास भेज दिया है। पूरे मुद्दे में जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी, उनका दोस्त सचिन अशोक और जितेंद्र को गुरुवार श्याम राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने अरेस्ट कर न्यायालय में पेश किया। जहां न्यायालय द्वारा सभी आरोपियों को कारावास भेज दिया गया है। 6 वर्षों फरार होने के कारण नाना पटवारी पर यह मुद्दा भी लंबित पड़ा था।
अन्य मामलों में भी आरोपी हैं नाना पटवारी :-
रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2018 में भी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के भाई नाना उर्फ कुलभूषण पर बिजलपुर निवासी अंकित की कम्पलेन पर एक मुकदमा दर्ज हुआ था। जिसमें फरियादी अंकित ने यह कम्पलेन दर्ज कराई थी कि नाना पटवारी उनके घर में घुस गए और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके साथ ही अंकित की मां और बहन से छेड़छाड़ भी की गई थी। इस मुद्दे में भी नाना पटवारी के विरुद्ध जांच हुई थी।
इसी प्रकार जनवरी 2020 में राउ विधानसभा में नाना पटवारी पर बीजेपी कार्यकर्ताओं के साथ हाथापाई का मुद्दा प्रकाश में आया था। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने इल्जाम लगाया था कि नाना पटवारी ने उनके घर में घुसकर स्त्री के साथ हाथापाई की थी। इस मुद्दे की कम्पलेन राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई थी। वहीं, बीजेपी स्त्री कार्यकर्ताओं की हाथापाई के बाद एक बड़े आंदोलन और थाना घेराव के बाद इसमें पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई हुई थी।