सनातन धर्म में शादी की तारीख तय करते समय मुहूर्त जरूरी किरदार अदा करता है। ऐसा माना जाता है कि अशुभ मुहूर्त में किए गए शादी का असर जोड़े पर नकारात्मक असर डालता है। यही वजह हैं कि शादी जैसे शुभ कार्य को मुहूर्त के मुताबिक हीं संपन्न कराया जाता है। यह परंपरा हमारे हिंदी रीति-रिवाज में बहुत ही शुभ माना गया है।
वहीं वर्ष 2023 में शादी-विवाह को लेकर प्रतीक्षा समाप्त होने वाला है। परंपरा के मुताबिक दशहरा को शुभ तिथि मानकर कन्या पक्ष वर की तलाश में इस दिन से निकलना प्रारम्भ कर देते हैं। जिनकी पूर्व से विवाह की तिथि तय होती है वह विवाह की तैयारी में जुट जाते हैं। मिथिला क्षेत्र के जानकर पंडित रिपुसूदन ठाकुर ने ने इस वर्ष के शुभ शादी के मुहूर्त को लेकर जानकारी साझा की।
2023 में मात्र 11 दिन है शुभ शादी का संयोग
पंडित रिपुसूदन ठाकुर ने लोकल 18 से जानकारी साझा करते हुए कहा कि देव उठानी एकादशी के बाद विवाह शादी को लेकर शुभ लग्न प्रारम्भ हो जाता है। इस बार 23 नवंबर से लग्न प्रारम्भ हो रहा है जो 15 दिसंबर तक चलेगा। इन दो माह में कुल 11 लग्न है। नवंबर में कुल तीन लग्न मुहूर्त है, जबकि दिसंबर में 8 मुहूर्त है। इसके बाद लोगों को नए साल के लग्न का प्रतीक्षा करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इस साल 29 जून को देवश्यानी एकादशी के बाद शूरू और 30 जून से चातुर्मास शुरुआत हो गया था। उसके बाद शादी और मांगलिक कार्य पर विराम लग गया था।
इन तिथियां को है शुभ मुहूर्त
पंडित रिपुसुदन ठाकुर के मुताबिक नवंबर महीने में शादी का मुहूर्त 24 नवंबर, 27 नवंबर, 29 नवंबर को है जबकि दिसंबर महीने की बात की जाए तो 3 दिसंबर, 4 दिसंबर, 7 दिसंबर, 8 दिसंबर, 10 दिसंबर, 13 दिसंबर, 14 दिसंबर और 15 दिसंबर को अंतिम लग्न की तिथि है। 16 दिसंबर से धनु मास शुरुआत होने के कारण शादी जैसे मांगलिक कार्यों पर रोक लग जाएगी।