इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि संसद के पुराने भवन से हमारा रिश्ता कभी खत्म नहीं होगा, क्योंकि ये भवन अपने आप में इतिहास समेटे हुए है। साथ ही उन्होंने उन चार बड़े फैसलों का भी सदन में जिक्र किया, जो उनकी सरकार में लिए गए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन को संबोधित करते हुए कहा, ‘संसद का ये भवन कई ऐतिहासिक फैसलों और उन मुद्दों के समाधान का गवाह बना, जो दशकों से लंबित थे। ये सदन हमेशा गर्व के साथ कहेगा कि उसकी वजह से आर्टिकल 370 का हटना संभव हुआ। एक देश-एक टैक्स यानी जीएसटी का विधेयक इसी संसद भवन में पास हुआ। ये संसद भवन वन रैंक वन पेंशन का गवाह बना। बिना किसी विवाद के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 फीसदी आरक्षण देने का फैसला भी इसी संसद भवन ने देखा।’
हमारे पास मौका है, अतीत के साथ जुड़ने का’ अपने भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि पुराने संसद भवन को छोड़ना बहुत ही भावुक पल है। उन्होंने कहा, ‘संसद के पुराने भवन से नए भवन में जाना एक ऐसा पल है, जो हमें अतीत से भविष्य के साथ जोड़ रहा है। देश की जनता द्वारा चुने गए सांसद नई संसद में नई उम्मीदों और आत्मविश्वास के साथ प्रवेश करेंगे। आज हमारे पास एक मौका है, अतीत के साथ जुड़ने का। हम एक बेहतर भविष्य की उम्मीद के साथ इस भवन को छोड़ रहे हैं।’