देश के सबसे बड़े औद्योगिक समूह रिलायंस इंडस्ट्रीज की कंपनी जियो फाइनेंशियल सर्विसेज (जेएफएसएल) हिंदुस्तान में सभी तरह की बैंकिंग और वित्तीय सेवाएं प्रारम्भ करने जा रही है। कंपनी के गैर-कार्यकारी चेयरमैन केवी कामथ ने कहा, ‘भारत अभी भी विकास के बहुत ऐतिहासिक चरण में है। जियो फाइनेंशियल में जबरदस्त संभावनाएं हैं। कंपनी इस माहौल में विकास के सभी अवसरों का फायदा उठाएगी। कंपनी का फोकस पूरी तरह से डिजिटल होगा।’ उन्होंने यह भी कहा, ‘इस क्षेत्र में देरी से प्रवेश करने से भी कंपनी को कुछ लाभ होगा क्योंकि काफी तकनीकी विकास हुआ है और हम इसका पूरा इस्तेमाल कर सकते हैं।’ जियो फाइनेंशियल का इरादा वित्तीय क्षेत्र में पूर्ण सेवा कंपनी बनने का है।’
कंपनी से जुड़े लोगों का बोलना है कि जेएफएसएल आम ग्राहकों के साथ-साथ छोटे और मध्यम उद्यमों को कर्ज देने, सभी प्रकार की भुगतान संबंधी सेवाओं, भुगतान बैंकिंग, बीमा ब्रोकिंग से आरंभ कर रही है। इन जमाओं को स्वीकार करने के अलावा, एनबीएफसी लगभग हर दूसरी सेवा डिजिटल रूप से प्रदान करने में सक्षम होंगे। कंपनी का इरादा अगले छह महीनों में एनबीएफसी-सीआईसी (कोर इन्वेस्टमेंट कंपनी) में बदलने का है। समूह की अन्य सहायक कंपनियां सीआईसी के रूप में कार्य करने में सहायता करेंगी। कंपनी के ऑफिसरों का बोलना है कि रिलायंस ग्रुप की अगली सालाना बैठक में वित्तीय क्षेत्र के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी।
जेएफएसएल शेयर बाजार में सूचीबद्ध है
जेएफएसएल सोमवार को शेयर बाजार में सूचीबद्ध हो गई। कारोबार के लिहाज से पहला दिन कंपनी के लिए कुछ खास नहीं रहा और शेयर की मूल्य करीब पांच प्रतिशत तक गिर गई। पहले दिन कंपनी के शेयर बीएसई पर 3.85 प्रतिशत गिरकर 251.75 रुपये पर और एनएसई पर 4.94 प्रतिशत गिरकर 248.90 पर बंद हुए। दोनों बाजारों में कंपनी के शेयर रेट पर लोअर सर्किट लगाना पड़ा। इस गिरावट के बावजूद जियो फाइनेंशियल का बाजार मूल्यांकन पहले दिन ही बढ़कर 1,59,943.93 करोड़ रुपये हो गया है। इसके साथ ही यह राष्ट्र की दूसरी सबसे बड़ी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी बन गई है।