कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल समान नागरिक संहिता का विरोध कर रहे हैं तो शिवसेना (यूबीटी) लगातार यूसीसी के पक्ष में बोल रही है. शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने मंगलवार को बोला कि कानून का कोई विरोध नहीं है लेकिन पहले हमें इसके मसौदे को देखना है. उन्होंने बोला कि मसौदा आने दीजिए, कोई भी कानून का विरोध नहीं कर रहा है.
संजय राउत ने बोला कि यूसीसी के मसौदे पर उद्धव ठाकरे के साथ बैठक में चर्चा हुई है. वहीं इससे पहले दो जून को उन्होंने बोला था कि ड्राफ्ट जमा होने के बाद ही वे इस मुद्दे पर कोई टिप्पणी करेंगे. वहीं मंगलवार को उन्होंने बोला कि प्रस्तावित यूसीसी का मसौदा अभी तक सार्वजनिक डोमेन में नहीं डाला गया है. यह न तो मीडिया और न ही हमारे पास है. मसौदा पूरा होने दें, और फिर हम टिप्पणी करेंगे.
बता दें कि यूसीसी बीजेपी के एजेंडे में लंबे समय से था. विधि आयोग ने 14 जून को उस प्रस्ताव के बारे में 30 दिनों के भीतर जनता और मान्यता प्राप्त धार्मिक संगठनों से विचार मांगकर यूसीसी पर अपनी कवायद फिर से प्रारम्भ कर दी थी. वहीं इस मामले को हवा जब लगी तब 27 जून को, प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने भोपाल में यूसीसी के बारे में बात करते हुए बोला कि राष्ट्र दो कानूनों पर नहीं चल सकता है और समान नागरिक संहिता संविधान का हिस्सा है. बीजेपी के 2019 के लोकसभा चुनाव घोषणापत्र में, पार्टी ने सत्ता में आने पर यूसीसी को लागू करने का वादा किया था.