प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अमेरिका की पहली राजकीय यात्रा “बहुत सफल” रही और बाइडन प्रशासन इस “बेहद महत्वपूर्ण” द्विपक्षीय संबंधों को गहरा और मजबूत करने के लिए हिंदुस्तान में भागीदारों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा. एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने यह बात कही.
वाशिंगटन. पीएम नरेन्द्र मोदी की अमेरिका की पहली राजकीय यात्रा “बहुत सफल” रही और बाइडन प्रशासन इस “बेहद महत्वपूर्ण” द्विपक्षीय संबंधों को गहरा और मजबूत करने के लिए हिंदुस्तान में भागीदारों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा. एक वरिष्ठ अमेरिकी अधिकारी ने यह बात कही.
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन और प्रथम स्त्री जिल बाइडन के निमंत्रण पर पीएम मोदी ने 20-24 जून तक अमेरिका का दौरा किया. रक्षा, अंतरिक्ष और व्यापार जैसे प्रमुख क्षेत्रों में योगदान को बढ़ावा देने के लिए इस हाई-प्रोफाइल यात्रा के दौरान कई प्रमुख करार भी किए गए.
व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति बाइडन द्वारा मोदी का भव्य स्वागत किया गया.
दोनों नेताओं के बीच 22 जून को एक ऐतिहासिक शिखर बैठक हुई, जिसके बाद मोदी ने कांग्रेस पार्टी (अमेरिकी संसद) को संबोधित किया और उनके सम्मान में व्हाइट हाउस में बाइडन द्वारा एक राजकीय रात्रिभोज का आयोजन किया गया.
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रधान उप प्रवक्ता वेदांत पटेल ने बुधवार को एक ब्रीफिंग में प्रश्नों के उत्तर में कहा, “यह हमारे दौर का कोई सामान्य पल नहीं है. यह हिंदुस्तान के साथ हमारे संबंधों और साझेदारी को गहरा और मजबूत करने के कदमों और प्रयासों के बारे में है. और हमारा मानना है कि पिछले हफ्ते की यात्रा बहुत सफल रही.”
पटेल ने कहा, “दोनों राष्ट्रों के बीच कई घोषणाएं की गईं, जिनमें सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के कदम भी शामिल हैं. आपने राष्ट्रपति और पीएम और हमारे दोनों राष्ट्रों को इंजन के साझा-उत्पादन के साथ-साथ यूनिवर्सिटी अनुसंधान साझेदारी के बारे में बात करते हुए भी देखा.”
पटेल ने कहा, “तो यह इस बारे में नहीं है कि हम यहां से कहां जाते हैं… हम इस जरूरी द्विपक्षीय संबंध को गहरा और मजबूत करने के लिए हिंदुस्तान में अपने भागीदारों के साथ मिलकर काम करना जारी रखेंगे.”
भारत में मानवाधिकारों पर एक प्रश्न का उत्तर देते हुए, पटेल ने बोला कि विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन पहले भी कह चुके हैं, संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए मानवाधिकार हमेशा एजेंडे में हैं.