रूस में प्राइवेट आर्मी ग्रुप ‘वैग्नर’ द्वारा घोषित विद्रोह के घोषणा के 24 घंटे से भी कम समय में खत्म होने के बाद रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एकजुटता दिखाने के लिए राष्ट्र का आभार व्यक्त किया। यही नहीं, पुतिन ने विद्रोह के समाप्त होने के बाद ‘वैग्नर’ आर्मी के जवानों का भी शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने हालात को और खराब होने और ‘खूनखराबे’ में परिवर्तित होने से रोका। पुतिन ने अपने बयान नें इस बात का जिक्र किया कि राष्ट्र और देशवासियों के भलाई में सभी महत्वपूर्ण तरीका किए गए थे।
हालांकि, इस विद्रोह के लिए रूसी राष्ट्रपति ने ‘रूस के दुश्मनों’ को उत्तरदायी ठहराया। उन्होंने बोला कि दुश्मनों ने ‘गलत आकलन किया था।’ रूस के राष्ट्रपति के कार्यालय क्रेमलिन ने ऑफिसरों द्वारा एक वीडियो जारी किया गया जिसमें ये बताने की प्रयास की गई कि राष्ट्र में विरोध के स्वर थम गए हैं और अब स्थिरता व्याप्त हो गई है। वीडियो में एक प्रकार की बेफिक्री भी दिखाने की प्रयास की गई, जिसमें रूस के रक्षा मंत्री यूक्रेन में सुरक्षा बलों का जायजा लेते नजर आए।
विरोध के स्वर के दबने के बाद ‘वैग्नर’ आर्मी के चीफ येवगेनी प्रीगोझिन ने बोला कि वह रूसी गवर्नमेंट की तख्तापलट की प्रयास नहीं कर रहे थे, बल्कि अपनी प्राइवेट आर्मी को तबाह होने से बचाने की प्रयास कर रहे थे। उन्होंने एक बयान में कहा, “हमने एक अन्याय की वजह से अपना मार्च प्रारम्भ किया था।” प्रीगोझिन ने यह नहीं बताया कि वह अभी कहां हैं और उनकी आगे की क्या योजना है।
‘वैगनर’ प्रमुख और रूस के सेना ऑफिसरों के बीच विवाद पूरे युद्ध के दौरान जारी रही, जो सप्ताहांत में विद्रोह में बदल गई, जब समूह के लड़ाके दक्षिणी रूस के एक अहम शहर में सेना मुख्यालय पर अतिक्रमण करने के लिए यूक्रेन से रवाना हुए। वे किसी अवरोध का सामना किए बगैर मॉस्को की तरफ कूच करने लगे। हालांकि, एक कथित समझौते के अनुसार उनका विद्रोह 24 घंटे से भी कम समय में खत्म हो गया।
क्रेमलिन ने बोला था कि उसने प्रीगोझिन के साथ एक समझौता किया है, जिसके अनुसार वह और समूह के लड़ाके निर्वासन में बेलारूस जाएंगे तथा उनके विरूद्ध कोई अभियोग नहीं चलाया गया। सोमवार तक प्रीगोझिन के बारे में कोई पुष्टि नहीं हो पाई थी, लेकिन एक लोकप्रिय रूसी समाचार चैनल ने संचार ऐप टेलीग्राम पर बताया कि ‘वैग्नर’ प्रमुख बेलारूस की राजधानी मिन्स्क के एक होटल में हैं।