दूरसंचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बोला है कि गुजरात में प्रस्तावित अमेरिकी कंपनी माइक्रोन के सेमीकंडक्टर प्लांट में अगले वर्ष दिसंबर से चिप निर्माण प्रारम्भ हो जाएगा. देश में सेमीकंडक्टर के निर्माण से अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल जाएगी क्योंकि सेमीकंडक्टर उद्योग स्टील और केमिकल की तरह एक बुनियादी उद्योग है जो कई क्षेत्रों की जरूरतों को पूरा करता है.
सेमीकंडक्टर के विनिर्माण से ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, टीवी, रेफ्रिजरेटर, स्मार्टफोन, इलेक्ट्रिक गाड़ी और रक्षा क्षेत्र जैसे उपभोक्ता वस्तुओं को बहुत लाभ होगा और नयी नौकरियां पैदा होंगी. इन सभी क्षेत्रों में बड़ी संख्या में चिप्स की जरूरत होती है. माना जा रहा है कि सेमीकंडक्टर प्लांट के लिए माइक्रोन टेक्नोलॉजी की घोषणा के बाद उनकी सप्लाई चेन से जुड़ी 200 से अधिक छोटी कंपनियां हिंदुस्तान में निवेश करने जा रही हैं. माइक्रोन के साथ कई कंपनियां हिंदुस्तान आ सकती हैं. इनमें मुख्य रूप से गैस और रसायन से जुड़ी कंपनियां शामिल होंगी. उन्होंने बोला कि अगले एक वर्ष में माइक्रोन जैसी चार या पांच अन्य चिप निर्माता कंपनियां भी हिंदुस्तान में निवेश कर सकती हैं.
वैष्णव ने बोला कि माइक्रोन के साथ अमेरिकी कंपनी एप्लाइड मटेरियल सेमीकंडक्टर उपकरण में उपयोग होने वाले पार्ट्स को विकसित करने के लिए बेंगलुरु में एक इंजीनियरिंग सेंटर स्थापित करने जा रही है. कंपनी इस काम में अगले चार वर्ष में 3000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस केंद्र में सेमीकंडक्टर उद्योग से संबंधित कौशल विकास भी किया जाएगा. उन्होंने बोला कि इनके अतिरिक्त लैम रिसर्च इस वर्ष अगस्त से सेमीकंडक्टर से जुड़े लोगों को अपने सेमीवर्म सॉल्यूशन से प्रशिक्षण प्रारम्भ करने जा रही है। अगले 10 सालों में लैम रिसर्च सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़े 60,000 लोगों को प्रशिक्षित करेगा.
चिप निर्माण चुनिंदा राष्ट्रों में होता है
चिप निर्माण दुनिया के चुनिंदा राष्ट्रों में ही होता है और हिंदुस्तान में यह निर्माण प्रारम्भ होने से ऑटोमोबाइल, स्मार्टफोन, लैपटॉप निर्माता कंपनियों को चिप्स की कमी के कारण अपना उत्पादन बंद नहीं करना चाहिए. भारत में बनी चिप मौजूद कराने से उनकी लागत भी कम हो जायेगी।
एक लाख नयी नौकरियाँ पैदा होंगी: राजीव चन्द्रशेखर
इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने पीएम मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में साझेदारी को एक बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने बोला कि माइक्रोन, एप्लाइड मैटेरियल्स और लैम रिसर्च जैसी कंपनियों की घोषणा से आने वाले दिनों में सीधे तौर पर 80 हजार से एक लाख नयी नौकरियां पैदा होंगी और आपूर्ति श्रृंखला में अप्रत्यक्ष रूप से कितनी नौकरियां पैदा होंगी, यह अभी भी कठिनाई है। स्थापित करना. इस घोषणा से सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अन्य मौजूदा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में उद्यमिता, स्टार्टअप और निवेश के पर्याप्त अवसर मिलेंगे.