टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने के लिए पनडुब्बी में सवार पाकिस्तानी अरबपति और उनके बेटे समेत पांच लोगों की मृत्यु हो गई. पूरे विश्व की कई एजेंसियों ने कई घंटों तक समुद्र में पनडुब्बी को ढूंढने की भरपूर प्रयास की, लेकिन काफी समय तक उसे कामयाबी नहीं मिली. बाद में पनडुब्बी का मलबा टाइटैनिक के करीब मिला. इस घटना में मारे गए पाकिस्तानी अरबपति शहजादा दाऊद के बारे में नयी जानकारी सामने आई है. दरअसल, वह 2019 में भी इसी तरह की एक घटना का शिकार होते-होते बाल-बाल बच गए थे. तब उस समय वे अपनी पत्नी के साथ एक विमान में सवार थे. उनका विमान हादसे का शिकार होते-होते बचा था.
इस बारे में उनकी पत्नी क्रिस्टीन दाऊद ने जनवरी, 2019 में एक ब्लॉग लिखा था और खौफनाक मंजर की याद दिलाई थी. उन्होंने लिखा कि मुझे पता होना चाहिए था जब उन्होंने हमारी उड़ान रद्द कर गई दी और हमें अगली उड़ान में बिठाया. हमें संकेत समझ लेना चाहिए था और घर वापस चले जाना चाहिए. लेकिन हमने ऐसा नहीं किया, और यह उड़ान मेरे जीवन की सबसे यादगार उड़ानों में से एक बन गई. इसके बाद उन्होंने उस घटना के बारे में बताया जिसमें विमान तेजी से नीचे आने लगा. इससे पैसेंजर रोने लगे और काफी घबरा गए.
क्रिस्टीन ने ब्लॉग में लिखा, “मैंने अपने आर्मरेस्ट को पकड़ लिया, जैसे कि इससे कोई फर्क पड़ेगा. मुझे पकड़ने के लिए कुछ चाहिए था, जमीन से हजारों फीट ऊपर एक अस्थिर धातु ट्यूब में स्थिर कुछ.” उड़ान के दौरान यात्रियों को कई बार ज़ोर से गिरने का अनुभव हुआ जिससे उन्हें रेत के एक बड़े थैले में एक कण जैसा महसूस हुआ. उन्होंने बोला कि उनके पति शहजादा दाऊद जोकि एक अनुभवी यात्री और साहसी भी थे, काफी डरे हुए थे. उन्होंने आगे लिखा, “मैंने कई बार पढ़ा है कि लोग ऐसी स्थितियों में प्रार्थना करना प्रारम्भ कर देते हैं. मेरे पति ने मुझे बाद में बताया कि वह उन सभी अवसरों के बारे में सोच रहे थे जो उन्होंने खो दिए थे और वह अब भी कितना कुछ सिखाना चाहते थे हमारे बच्चों को.”
उन्होंने बोला कि जैसे ही विमान तेजी से मुड़ा मैंने देखा कि मेरे पति की आंखें बंद थीं और हमारे हाथ आपस में जुड़े हुए थे. किसी भी शब्द की आवश्यकता नहीं थी. वे भी उतने ही डरे हुए थे, जितना की मैं डरी थी. हालांकि, राहत की बात यह रही कि विमान बाद में सुरक्षित लैंड कर गया. क्रिस्टीन का बोलना था कि यह अनुभव उनका कुछ ऐसा था, जिसे वह लंबे समय तक नहीं भूल सकती हैं.
शहजादा की बहन ने जताया दुख
वहीं, शहजादा दाऊद की बहन ने अपने भाई की मृत्यु पर दुख जताया है. उन्होंने एनबीसी न्यूज से बात करते हुए बोला है कि वह बहुत दुखी हैं. इसके अलावा, शहजादा के बेटे की भी घटना में मृत्यु हो गई. इस पर शहजादा की बहन ने बोला कि सुलेमान इस यात्रा में इसलिए शामिल हुए क्योंकि यह उनके टाइटैनिक-जुनूनी पिता के लिए जरूरी था. बता दें कि अमेरिकी तट रक्षक ने बोला हैकि पनडुब्बी का मलबा टाइटैनिक के मलबे से 1,600 फीट (488 मीटर) दूर पाया गया है. शहजादा दाऊद की बहन अजमेह ने एनबीसी न्यूज को एक टेलीफोन इंटरव्यू में कहा, “मुझे बहुत बुरा लगता है कि पूरी दुनिया को इतने सदमे, इतने रहस्य से गुजरना पड़ा है.” उन्होंने आगे कहा, “मुझे ऐसा लग रहा है कि मैं काउंटडाउन के साथ बहुत ही खराब फिल्म में फंस गई हूं, जब आपको पता नहीं था कि आप क्या गिन रहे हैं. मुझे पर्सनल रूप से उनके बारे में सोचकर सांस लेना कठिनाई हो गया है.”
उनकी टिप्पणी यूएस कोस्ट गार्ड की निराशाजनक घोषणा के बाद आई, जिसके बाद एक बहुराष्ट्रीय खोज और बचाव अभियान को खत्म कर दिया गया. रियर एडमिरल जॉन माउगर ने बोस्टन में संवाददाताओं से कहा, “तटरक्षक बल और संपूर्ण एकीकृत कमान की ओर से, मैं परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.” दाऊद और अपने बेटे के साथ, ब्रिटिश खोजकर्ता हामिश हार्डिंग, फ्रांसीसी पनडुब्बी जानकार पॉल-हेनरी नार्जियोलेट और उप-संचालक ओशनगेट एक्सपीडिशन के सीईओ स्टॉकटन रश भी सवार थे. ओशनगेट ने एक बयान में कहा, “ये लोग सच्चे खोजकर्ता थे, जिनमें रोमांच की एक अलग भावना और दुनिया के महासागरों की खोज और सुरक्षा के लिए गहरा जुनून था.” ओशनगेट एक्सपेडिशंस ने एक सीट के लिए लगभग दो करोड़ रुपये बतौर टिकट मूल्य ली थी. 2018 के एक मुकदमे में, इसके समुद्री संचालन के पूर्व निदेशक ने टाइटन के प्रयोगात्मक और अप्रयुक्त डिजाइ के बारे में चिंता भी जताई थी.