नेपाल के पीएम पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर बुधवार को हिंदुस्तान की यात्रा पर जायेंगे. इस दौरान वह बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए अपने भारतीय समकक्ष नरेन्द्र मोदी और अन्य नेताओं के साथ वार्ता करेंगे.
काठमांडू/नयी दिल्ली. नेपाल के पीएम पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर बुधवार को हिंदुस्तान की यात्रा पर जायेंगे.
इस दौरान वह बहुआयामी द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए अपने भारतीय समकक्ष नरेन्द्र मोदी और अन्य नेताओं के साथ वार्ता करेंगे. नेपाल के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी दी.
दिसंबर 2022 में कार्यभार संभालने के बाद नेपाल के पीएम की यह पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा होगी.
प्रचंड (68) के साथ उनकी बेटी गंगा दाहाल भी होंगी. वह पीएम मोदी के निमंत्रण पर हिंदुस्तान की यात्रा करेंगे. वह मंत्रियों, सचिवों और वरिष्ठ सरकारी ऑफिसरों के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे.
मंत्रालय ने एक बयान में बोला कि यात्रा के दौरान पीएम का राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से शिष्टाचार भेंट करने का कार्यक्रम है.
बयान के अनुसार, प्रचंड एक जून को मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता करेंगे. इसके मुताबिक वार्ता के बाद दोनों प्रधानमंत्रियों की एक संयुक्त प्रेस वार्ता होगी.
बयान में बोला गया है कि कि मोदी नेपाल के अपने समकक्ष और उनके प्रतिनिधिमंडल के सम्मान में दोपहर के भोजन की मेजबानी करेंगे.
इसमें बोला गया है, ‘‘नेपाल के पीएम के रूप में पीएम ‘प्रचंड’ की यह चौथी हिंदुस्तान यात्रा होगी. यह यात्रा नेपाल और हिंदुस्तान के बीच सदियों पुराने, बहुमुखी और सौहार्दपूर्ण संबंधों को और मजबूत करेगी.’’
बयान में बोला गया है कि प्रचंड हिंदुस्तान में नेपाल के राजदूत शंकर प्रसाद शर्मा द्वारा आयोजित स्वागत कार्यक्रम में हिंदुस्तान में नेपाली समुदाय के साथ वार्ता करेंगे.
इसके अनुसार, तीन जून को काठमांडू लौटने से पहले पीएम का मध्य प्रदेश के उज्जैन और इंदौर का दौरा करने का भी कार्यक्रम है.
नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘यह यात्रा हमारी ‘पड़ोस प्रथम’ नीति को आगे बढ़ाते हुए हिंदुस्तान और नेपाल के बीच नियमित रूप से विचारों के आदान-प्रदान की परंपरा को जारी रखती है.’’
इसमें बोला गया है, ‘‘सहयोग के सभी क्षेत्रों में पिछले कुछ सालों में दोनों राष्ट्रों के बीच द्विपक्षीय संबंध काफी मजबूत हुए हैं. इस यात्रा से द्विपक्षीय साझेदारी को और गति मिलने की आशा है.’’
भारत की ‘पड़ोस प्रथम’ की नीति इसकी विदेश नीति का अभिन्न अंग है.