प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी लगातार इजरायल के साथ अपनी दोस्ती को प्रगाढ़ कर रहे हैं. इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी के सबसे करीबी दोस्तों में से एक हैं. साल 2014 में पीएम बनने के बाद से ही हिंदुस्तान और इजरायल के बीच यह दोस्ती गहरी होती जा रही है. इजरायल से हिंदुस्तान के करीब होते संबंधों को देखकर पड़ोसी पाक और चीन परेशान हो उठे हैं. मगर वह प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी और नेतन्याहू की दोस्ती में फूट डालने में किसी भी तरह सफल नहीं हो पा रहे हैं. इसलिए चीन-पाकिस्तान को इस दोस्ती से जलन होने लगी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को इजराइल के विदेश मंत्री एली कोहेन के साथ बैठक में वार्ता की. इस दौरान उन्होंने कृषि, जल, नवोन्मेष और लोगों के बीच आपसी संबंधों के अहमियत वाले क्षेत्रों में द्विपक्षीय योगदान को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा की. इजराइली विदेश मंत्री तीन दिवसीय यात्रा पर आज सुबह यहां पहुंचे थे, लेकिन गाजा पट्टी में एक चरमपंथी समूह के ठिकानों पर इजराइल द्वारा सेना कार्रवाई किये जाने के मद्देनजर उन्होंने यात्रा की अवधि में कटौती करने के अपने निर्णय की घोषणा की. उन्होंने मंगलवार को पीएम से मुलाकात की थी.
रक्षा और रणनीतिक योगदान में भी साझीदार हैं दोनों देश
पीएम मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘इजराइल के विदेश मंत्री एली कोहेन से मिलकर खुशी हुई. हमने कृषि, जल, नवाचार और लोगों के बीच संबंधों के अहमियत वाले क्षेत्रों में द्विपक्षीय योगदान को और गहरा करने के उपायों पर चर्चा की.’’ आपको बता दें कि हिंदुस्तान और इजरायल आपसी रक्षा तकनीकि और सामरिक योगदान में भी स्ट्रैटेजिक पार्टनर की तरह काम कर रहे हैं. इजरायल ने हिंदुस्तान को अपने कई अत्याधुनिक हथियार दिए हैं. इससे भी चीन और पाक परेशान रहते हैं. पाक मुसलमान देश होते हुए भी इजरायल के साथ वह संबंध नहीं बनाया पाया है, जो हिंदुस्तान का है. इससे भी पाक चिंतित रहता है. यही हाल चीन का भी है.