हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है। वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी के दिन प्रदोष व्रत मनाया जाएगा। इस वर्ष 3 मई को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। इस दिन भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है। शास्त्र के अनुसार, इस दिन रुद्राभिषेक करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। साथ ही इस दिन ब्रह्मचर्य रहकर व्रत रखना चाहिए।
बैद्यनाथ धाम के ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल ने बताया कि प्रदोष व्रत 3 मई को मनाया जाएगा। त्रयोदशी तिथि 2 मई की रात में 11 बजकर 17 मिनट से प्रारम्भ हो रही है और इसकी समापन 3 मई को रात 12 बजे होगी। इसलिए उदया तिथि के मुताबिक 3 मई को प्रदोष व्रत रखना चाहिए। इस दिन भगवान भोलेनाथ की पूजा की जाती है।
इस तरीका से होगी संतान की प्राप्ति!
पंडित मुद्गल ने बताया कि यह प्रदोष व्रत हस्त नक्षत्र में पड़ रहा है। ऐसे योग में यदि कोई पुत्र की कामना को लेकर व्रत रखे और भगवान शिव की पूजा करे। साथ ही दूध के साथ रुद्राभिषेक करे तो निश्चित रूप से इच्छा पूर्ण होगी। इसके अतिरिक्त जो लोग जॉब की तैयारी कर रहे हैं, वे भी इस दिन व्रत रखकर भगवान भोलेनाथ का दूध के साथ अभिषेक करें और बेलपत्र अवश्य चढ़ाएं। साथ ही भगवान शिव से अर्जी लगाएं तो इच्छा निश्चित पूर्ण होगी।
क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त
बैद्यनाथधाम के ज्योतिषाचार्य के मुताबिक त्रयोदशी की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त शाम के 6 बजे से लेकर रात 09 बजे तक रहने वाला है। वहीं भगवान भोलेनाथ पर दूध अभिषेक का शुभ मुहूर्त सुबह 5:30 बजे से लेकर 9 बजे तक है