कर्नाटक चुनाव (Karnataka elections) को लेकर राजनीति (Politics) गरमाई हुई है. भाजपा और कांग्रेस पार्टी (BJP and Congress) के अतिरिक्त क्षेत्रीय पार्टियां अपनी पुरी ताकत झोंक रही हैं. उम्मीदवारों की सूची जारी होते ही भाजपा और कांग्रेस पार्टी में जमकर जुबानी जंग हो रही है. कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस पार्टी उम्मीदवार सिद्धारमैया (Siddaramaiah) की टिप्पणी पर केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी (Pralhad Joshi) ने बोला कि हम यह नहीं कह रहे हैं कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी भगवान हैं. लोग उन्हें भगवान के रूप में देखते हैं. उन्होंने (कांग्रेस) मोदी जी के विरूद्ध जो कुछ भी कहा है. लोगों ने उन्हें करारा उत्तर दिया है.
कर्नाटक एलओपी और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता सिद्धारमैया ने बोला कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने कर्नाटक की उपेक्षा की है, और जेपी नड्डा लोगों को गुमराह कर रहे हैं. कांग्रेस अपने दम पर सत्ता में वापसी करेगी. भाजपा सत्ता में नहीं आएगी, वे जरूरी समुदायों को दरकिनार कर रहे हैं.
दूसरी ओर कर्नाटक के सीएम बसवराज बोम्मई ने गुरुवार को बोला कि पीएम नरेन्द्र मोदी राज्य में करीब 20 स्थानों पर चुनाव प्रचार करेंगे. उन्होंने बोला कि पीएम के प्रचार कार्यक्रम को आखिरी रूप दिया जा रहा है. बोम्मई ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के करीब 20 स्थानों पर चुनाव प्रचार करने की पूरी आसार है.” सीएम ने कहा, ‘‘इनमें से अधिकांश स्थानों पर वह रैली को संबोधित करेंगे और कुछ में रोड शो होंगे.”
बता दें कि कर्नाटक में विधानसभा चुनाव के लिए 10 मई को मतदान होगा और नतीजे 13 मई को घोषित किए जाएंगे. मोदी, बीजेपी अध्यक्ष जे पी नड्डा, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय मंत्रियों की एक मजबूत टीम चुनाव के लिए पार्टी के 40 स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल है. पार्टी द्वारा जारी नेताओं की सूची के मुताबिक केंद्रीय मंत्रियों में राजनाथ सिंह, अमित शाह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, स्मृति ईरानी, धर्मेंद्र प्रधान, मनसुख मंडाविया और प्रह्लाद जोशी शामिल हैं.
आदित्यनाथ के अतिरिक्त मध्य प्रदेश और असम के सीएम क्रमश: शिवराज सिंह चौहान और हिमंत विश्व शर्मा तथा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया गया है. बोम्मई, कर्नाटक बीजेपी के दिग्गज नेता बी एस येदियुरप्पा, पूर्व सीएम डी वी सदानंद गौड़ा, कर्नाटक के कुछ मंत्री और राज्य पार्टी के नेता भी सूची में शामिल हैं.