अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की सोमवार को मुलाकात हुई. दोनों राजनेता G 20 Summit में शामिल होने इंडोनेशिया पहुंचे हैं. दोनों के बीच हुई बैठक के बाद व्हाइट हाउस ने बोला कि राष्ट्रपति बिडेन ने चीन के “ताइवान के प्रति जबरदस्ती और आक्रामक कार्रवाई” पर अपनी विरोध जताई. उन्होंने बोला कि अमेरिका की एक चीन नीति नहीं बदली है लेकिन वाशिंगटन किसी भी पक्ष द्वारा यथास्थिति में एकतरफा परिवर्तन का विरोध करता है.
जारी बयान में बोला गया कि “राष्ट्रपति बिडेन ने झिंजियांग, तिब्बत और हांगकांग में पीआरसी प्रथाओं और अधिक व्यापक रूप से मानवाधिकारों के बारे में चिंता जताई है. अमेरिकी राष्ट्रपति ने “चीन की गैर-बाजार आर्थिक प्रथाओं, जो अमेरिकी मजदूरों और परिवारों, और पूरे विश्व के मजदूरों और परिवारों को हानि पहुंचाती है” के बारे में चल रही चिंताओं को उठाया.
हल करना प्राथमिकता
बयान में आगे बोला गया है, “उन्होंने फिर से रेखांकित किया कि अमेरिकी नागरिकों के मामलों को हल करना हमारी अहमियत है, जिन्हें गलत ढंग से हिरासत में लिया गया है या चीन में बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगाया गया है.”
दोनों नेताओं ने कई मुद्दों पर अपनी-अपनी प्राथमिकताओं और इरादों के बारे में खुलकर बात की.
आगे चर्चा करने का काम सौंपा
राष्ट्रपति बिडेन ने साफ किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका चीन के साथ मजबूती से प्रतिस्पर्धा करना जारी रखेगा, जिसमें घरेलू ताकत के स्रोतों में निवेश करना और पूरे विश्व के सहयोगियों और भागीदारों के साथ कोशिश करना शामिल है.
उन्होंने दोहराया कि इस प्रतियोगिता को “संघर्ष में नहीं पड़ना चाहिए” और रेखांकित किया कि संयुक्त राज्य अमेरिका और चीन को “प्रतियोगिता को जिम्मेदारी से प्रबंधित करना चाहिए और संचार की खुली लाइनें बनाए रखनी चाहिए”. दोनों नेताओं ने विकासशील सिद्धांतों के महत्व पर चर्चा की जो इन लक्ष्यों को आगे बढ़ाएंगे और अपनी टीमों को उन पर आगे चर्चा करने का काम सौंपा.