MP News: राष्ट्र में राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल कर चुकी आम आदमी पार्टी की नजर अब मध्य प्रदेश पर है. मिशन-2023 के लिए आम आदमी पार्टी ने महारैली और रोड शो का प्लान तैयार किया है, जिसका आगाज मध्य प्रदेश में ग्वालियर से होने जा रहा है. दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ग्वालियर में 25 जून को विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी शंखनाद करेंगे. उनके साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष रानी अग्रवाल सहित पार्टी पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे.
25 जून को होगा रोड शो
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत मान 25 जून को दिल्ली में रोड शो और रेली करेंगे. इस महारैली में एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की बात कही जा रही है, ऐसे में अंचल के पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता इस महारैली और रोड शो को सफल बनाने के लिए तैयारियों में जुट गए है.
चंबल में हुआ है पहला सर्वे
आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश प्रवक्ता डॉ रुचि गुप्ता का बोलना है कि आनें वाले 25 जून को AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ग्वालियर दौरे पर आ रहे हैं, जहं एक महारैली का आयोजन होगा, जिसमें एक लाख से अधिक लोग शामिल होंगे. इसको लेकर कार्यकर्ताओं और आम लोगो में बड़ा उत्साह है. राज्यसभा सांसद और राष्ट्रीय महामंत्री डॉ संदीप पाठक ने इसकी घोषणा भी कर दी है, सीएम केजरीवाल का ग्वालियर चंबल का यह दौरा बहुत ही खास है। क्योंकि पार्टी का सबसे पहला सर्वे ग्वालियर चंबल से ही आया.
आप प्रवक्ता ने बोला कि यहां की जनता परिवर्तन चाहती है, ऐसा सर्वे केजरीवाल जी की टेबल पर पहुंचा है. इसको लेकर केजरीवाल जी ने ग्वालियर की जमीन से ही विधानसभा चुनाव को लेकर शंखनाद करने का तय किया, ग्वालियर में एक छोटा सा रोड शो भी होगा. ग्वालियर में हो रहे इस कार्यक्रम में ग्वालियर चंबल अंचल के साथ ही प्रदेश के कई इलाकों से पार्टी पदाधिकारी और लोग भी शामिल होंगे.
ग्वालियर-चंबल सत्ता की चाबी
बता दें कि ग्वालियर चंबल अंचल को मध्य प्रदेश की सत्ता की चाबी बोला जाता है, यही वजह है कि कांग्रेस पार्टी बीजेपी के साथ ही अब आम आदमी पार्टी भी अंचल में जोर लगा रही है. वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी ने 34 में से 26 सीटें जीती थी. लेकिन उपचुनाव में हुए फेरबदल के बाद ग्वालियर चंबल अंचल में भाजपा और कांग्रेस पार्टी के पास 34 में से 17-17 सीटें हैं और दोनों ही 50-50 की स्थिति में है. यही वजह है कि एक ओर जहां भाजपा और कांग्रेस पार्टी अपना दबदबा कायम रखने की प्रयास में लगी हुई है तो वहीं आम आदमी पार्टी भी अंचल के जरिए सत्ता तक पहुंचने रास्ता तलाश रही है.