वाराणसी: एक अप्रत्याशित सियासी घटनाक्रम में सपा (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी के समर्थन में आ गए हैं.
अखिलेश ने गुरुवार शाम को संवाददाताओं से बोला कि सोनिया गांधी को तलब करना ‘केंद्र की बीजेपी की गवर्नमेंट द्वारा विपक्ष पर दबाव डालकर उसे डराने का प्रयास’ है.
अखिलेश ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के बारे में पूछे गए एक प्रश्न के उत्तर में कहा, ‘ऐसा लगता है कि राजभर किसी अन्य पार्टी की आत्मा के कब्जे में हैं. समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के कार्यकाल से लेकर अब तक समाजवादी पार्टी ने अन्य दलों के साथ साझेदारी की है, लेकिन उस पर कभी भी चुनावी सीटें बेचने का आरोप नहीं लगाया गया.
हालांकि, राजभर ने पहली बार समाजवादी पार्टी गठबंधन के विरूद्ध इसी तरह के दावे किए हैं।’ उन्होंने अपने अलग हो चुके चाचा, प्रगतिशील सपा (लोहिया) के नेता शिवपाल यादव का भी जिक्र किया कि ‘चाचा को इसलिए रिहा कर दिया गया क्योंकि वह समाजवादी पार्टी में सम्मानित महसूस नहीं करते थे।
उनकी अपनी पार्टी है, जिसे उन्हें कम्युनिस्ट दर्शन के मुताबिक फिर से मजबूत करने का कोशिश करना चाहिए।’ उन्होंने दूध और उसके उपोत्पादों पर GST दरें लागू करने के लिए बीजेपी गवर्नमेंट की भी आलोचना की।