भिवानी, हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीख जैसे-जैसे निकट आ रही है, राजनीतिक तपिश बढ़ती जा रही है. इसके अलावा, इन सब के बीच कांग्रेस पार्टी में टिकटों के बंटवारे को लेकर त्राहिमांम मचा हुआ है, जिस पर बीजेपी की राज्यसभा सांसद किरण चौधरी ने प्रतिक्रिया दी.
किरण चौधरी ने बोला कि कांग्रेस पार्टी में एक दूसरे के जूतम-जुत, लट्ठम-लट्ठ हो रहे हैं. तमाम लोगों ने देखा कि अंतिम समय तक इनकी टिकट ही नहीं बंट पाई. कांग्रेस पार्टी नेताओं ने अपने स्वार्थ की राजनीति की है, जिसके कारण हरियाणा में पार्टी पूरी तरह से समाप्त हो चुकी है.
उन्होंने बोला कि कांग्रेस पार्टी ने अपने नेताओं को समाप्त कर दिया है. अपनी ही नेताओं को समाप्त करने वाली पार्टी आगे कैसे बढ़ेगी? हरियाणा में कांग्रेस पार्टी बाप-बेटे की पार्टी बनकर रह गई है. स्वार्थ की राजनीति करने वाले दूसरे को कैसे बढ़ने देंगे. कई ऐसे लोग हैं, जो वर्षों से इनके साथ लगे हुए थे, उन्हें टिकट देने का वादा किया गया था, लेकिन उनके साथ विश्वासघात किया गया.
उन्होंने बोला कि मैंने राम किशन फौजी का वह बयान भी सुना कि तू जा और तैयारी कर, तेरा टिकट पक्का है. राम किशन फौजी का बोलना है कि उन्होंने बंसीलाल का घर छोड़ा और कांग्रेस पार्टी में शामिल हुए, मुझे टिकट देने का वादा किया गया लेकिन, पार्टी ने मेरे साथ वादाखिलाफी किया.
किरण चौधरी ने बोला कि कांग्रेस पार्टी में क्षेत्रवाद हावी है. भिवानी को पाक माना जाता था. कांग्रेस पार्टी ने भिवानी के विकास को नजरअंदाज किया और सारा ध्यान रोहतक पर केंद्रित किया था. पार्टी में असत्य और स्वार्थ की राजनीति हावी होने की वजह से पार्टी के नेता एक दूसरे के विरुद्ध खड़े हो गए हैं.
उल्लेखनीय है कि हरियाणा में नयी गवर्नमेंट के गठन के लिए प्रदेश की सभी 90 सीटों पर 5 अक्टूबर को वोट डाले जाएंगे. वहीं, 8 अक्टूबर को चुनावी नतीजे घोषित किए जाएंगे. प्रदेश में एक तरफ बीजेपी सत्ता में बने रहने के लिए हरसंभव प्रयास कर रही है. वहीं, दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी सत्ता में वापसी के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है. इस सबके बीच आम आदमी पार्टी (आप) भी हरियाणा में अपनी जमीन तलाश रही है.