रामपुर की स्वार टांडा विधानसभा सीट पर बीजेपी समर्पित अपना दल (एस) के उम्मीदवार शफीक अहमद अंसारी ने 27 वर्ष के समाजवादी पार्टी के वर्चस्व को मिट्टी में मिलाकर आजम खां के किले को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया. उधर, छानबे विधानसभा सीट पर भी बीजेपी समर्पित अपना दल (एस) की उम्मीदवार रिंकी कोल ने जीत दर्ज कराई है.
सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका कोशिश के मूल मंत्र पर काम कर रही योगी गवर्नमेंट का उत्तर प्रदेश में जनाधार और मजबूत होता जा रहा है. इसकी झलक यूपी में दो विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव में भी देखने को मिली, जहां बीजेपी समर्पित अपना दल (एस) के उम्मीदवारों ने जीत दर्ज करायी. रामपुर की स्वार टांडा विधानसभा सीट पर बीजेपी समर्पित अपना दल (एस) के उम्मीदवार शफीक अहमद अंसारी ने 27 वर्ष के समाजवादी पार्टी के वर्चस्व को मिट्टी में मिलाकर आजम खां के किले को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया. उधर, छानबे विधानसभा सीट पर भी बीजेपी समर्पित अपना दल (एस) की उम्मीदवार रिंकी कोल ने जीत दर्ज कराई है.
योगी गवर्नमेंट विकास, लोक कल्याणकारी योजनाओं और मजबूत कानून प्रबंध से प्रदेशवासियों के दिलों पर कर रही राज
प्रदेश की जनता को योगी गवर्नमेंट के विकास का विजन काफी भा रहा है. वहीं प्रदेश में बिना किसी भेदभाव के हर वर्ग को योजनाओं का फायदा दिया जा रहा है. इसी का नतीजा है कि योगी गवर्नमेंट का उपचुनाव के साथ नगर निकाय के चुनाव में भी प्रदेश की जनता का पूरा साथ मिला है. प्रदेश में गरीबों को फ्री में आवास, बिजली कनेक्शन, उज्ज्वला योजना के अनुसार रसोई गैस का कनेक्शन मौजूद करवाया जा रहा है. वहीं कोविड-19 काल खंड से लेकर अब तक 15 करोड़ लोगों को फ्री में राशन, 10 करोड़ लोगों को आयुष्मान हिंदुस्तान के अनुसार 500000 प्रति साल स्वास्थ्य बीमा का कवर और नौजवानों के लिए रोजगार की प्रबंध की जा रही है. 2017 से पहले माफिया नौजवानों को बहलाकर उनके हाथों में तमंचे थमा दिया जाता था. योगी गवर्नमेंट की क्राइम और अपराधियों के विरूद्ध जीरो टालरेंस नीति के अनुसार हो रही कार्रवाई काफी रास आ रही है. इतना ही नहीं, सीएम योगी आदित्यनाथ प्रदेश के युवाओं के दिलों पर राज कर रहे हैं. योगी गवर्नमेंट नौजवानों के टैलेंट को टेक्नोलॉजी से जोड़कर उन्हें नया आयाम दे रही है, जिससे योगी आदित्यनाथ हर वर्ग के पसंदीदा सीएम बन गये हैं.
स्वार टांडा में विजेता शफीक को मिले 68630 वोट
स्वार टांडा में बीजेपी की सहयोगी अपना दल (एस) को विजय मिली. अपना दल के शफीक अहमद अंसारी ने 68630 वोट हासिल किए. वहीं समाजवादी पार्टी उम्मीदवार अनुराधा चौहान को 59906 वोट मिले. पीस पार्टी की उम्मीदवार डाक्टर नाजिया सिद्दीकी को मजह 4688 वोट से संतोष करना पड़ा. बीजेपी सहयोगी दल के उम्मीदवार को कुल 50.81 वोट प्रतिशत वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी के खाते में 44.35 प्रतिशत वोट ही आए. बीजेपी के सहयोगी दल के शफीक अंसारी ने 8724 वोट से समाजवादी पार्टी की अनुराधा चौहान को मात दी है.
1996 से आजम खान के कब्जे में थी स्वार विधानसभा
1996 में विधानसभा चुनाव के बाद से स्वार विधानसभा की सीट सपा और आजम खान के कब्जे में थी. 2023 में हुए उपचुनाव में बीजेपी अपना दल के प्रत्याशी ने स्वार विधानसभा सीट से आजम खान और सपा का पत्ता साफ कर दिया है.
योगी के आह्वान पर जनता ने कप-प्लेट में रिंकी को पिलाई जीत की चाय
मीरजापुर में सीएम योगी आदित्यनाथ ने सहयोगी दल अपना दल (एस) की प्रत्याशी रिंकी कौल के लिए जनसभा की थी. योगी ने आह्वान किया था कि राहुल कौल के मृत्यु से खाली हुई इस सीट पर रिंकी कौल कप-प्लेट में जीत की चाय पिलाइए. मुख्यमंत्री की इस अपील को छानबे की जनता ने सिर आंखों पर रखा और रिंकी कौल को 9587 वोट से जिताकर विधानसभा में भेज दिया. रिंकी को 76203 और समाजवादी पार्टी की कीर्ति कोल को 66616 वोट हासिल हुए. रिंकी 46.7 फीसदी वोट पाने में सफल हुईं.
इसलिए हुए स्वार टांडा और छानबे विधानसभा सीट पर उपचुनाव
यूपी की स्वार टांडा विधानसभा सीट पर उपचुनाव समाजवादी पार्टी नेता आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान की विधानसभा सदस्यता रद्द होने के चलते हुआ. वहीं, छानबे विधानसभा सीट पर अपना दल (एस) के विधायक राहुल कोल के मृत्यु की वजह से खाली हुई थी. इन दोनों सीटों पर बसपा ने उम्मीदवार नहीं उतारा था. बताया जा रहा है कि पार्टी ने क्षेत्रीय निकाय चुनावों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उपचुनावों से दूर रहने का निर्णय किया था. ऐसे में इन सीटों पर सत्तारूढ बीजेपी (BJP) के सहयोगी अपना दल (एस) और सपा (SP) के बीच कड़ी भिड़न्त देखने को मिलेगी.
यह उतरे थे मैदान में
स्वार टांडा विधानसभा सीट से बीजेपी की सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) ने शफीक अहमद अंसारी, समाजवादी पार्टी ने अनुराधा चौहान, पीस पार्टी ने डाक्टर नाजिया सिद्दीकी को अपना उम्मीदवार बनाया है. इसके अतिरिक्त तीन निर्दलीय भी चुनावी मैदान में हैं. वहीं, छानबे विधानसभा सीट से अपना दल (एस) ने दिवंगत विधायक राहुल कोल की पत्नी रिंकी कोल और समाजवादी पार्टी ने पिंकी कोल को चुनावी मैदान में उतारा है. दोनों ही सीटों पर 50 फीसदी से कम मतदान दर्ज किया गया.