बेंगलुरू। देश में कोविड केसों में आए उछाल के बीच हॉस्पिटल में भर्ती होने वाले कोविड-19 रोगियों की संख्या भी बढ़ रही है। बेंगलुरू में पिछले 10 दिनों के अंदर कोविड-19 की वजह से अस्पतालों में भर्ती होने वाले लोगों की संख्या दुगुनी हो गई है। सोमवार को 72 लोग हॉस्पिटल पहुंचे, जिनमें से 10 आईसीयू में भर्ती हुए। हालात को देखते हुए प्रशासन ने कोविड-19 गाइडलाइंस में फेरबदल किया है। अब यदि किसी अपार्टमेंट में 3 से 5 मुकदमा मिलते हैं तो उसे स्मॉल क्लस्टर माना जाएगा और उस फ्लोर पर रहने वाले सभी लोगों के रैपिड एंटीजन टेस्ट किए जाएंगे।
बृहद बेंगलुरू महानगर पालिका (BBMP) की तरफ से जारी बुलेटिन में बताया गया कि सोमवार को शहर में 72 लोग कोविड-19 की वजह से हॉस्पिटल पहुंचे, जबकि 16 जून तक इनकी संख्या 31 थी। डेक्कन हेराल्ड के मुताबिक, BBMP के स्पेशल कमिश्नर (हेल्थ) डाक्टर केवी त्रिलोक चंद्रा ने बताया कि इन 72 रोगियों में से मंगलवार को 10 आईसीयू में थे, 3 हाई डिपेन्डेंसी यूनिट में और 59 जनरल वॉर्ड में थे। उनका बोलना है कि अधिकांश रोगी ऐसे हैं, जिन्हें पहले से बीमारियां हैं और वो एहतियात के तौर पर स्वयं ही हॉस्पिटल में भर्ती हुए हैं
डॉ। चंद्रा ने बताया कि पिछले सप्ताह कोविड-19 रोगियों के 40 सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए थे। जांच से पता चला कि उनमें ओमिक्रोन के BA.4 और BA.5 वैरिएंट्स मिले। ये केवल बेंगलुरू में ही नहीं, पूरी दुनिया में इस समय हॉस्पिटल जाने वाले कोविड-19 रोगियों में BA.5 को उत्तरदायी बताया जा रहा है। स्टेट कोविड वॉर रूम की रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरू में 19 से 26 जून के बीच 3161 सक्रिय मुकदमा थे। इनमें से 7 ही ऐसे थे, जिनका लगातार 7 दिन तक उपचार चला।
TOI के मुताबिक, बढ़ते कोविड-19 केसों को देखते हुए नयी गाइडलाइंस जारी की गई हैं। बेंगलुरू में इतने अधिक मुकदमा सामने क्यों आ रहे हैं, इस प्रश्न पर डाक्टर चंद्रा का बोलना था कि कोविड-19 की पहली लहर से ही यहां ये ट्रेंड रहा है। इसकी एक वजह ये हो सकती है कि शहर में देश-विदेश से आने वाले यात्रियों की संख्या काफी अधिक है। उन्होंने बताया कि शहर की संचालित हो रही कंपनियों से बोला गया है कि वो कोविड-19 गाइडलाइंस का पालन करें। बुजुर्गों और स्कूली बच्चों में वैक्सीनेशन के लिए भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं