इजरायल और हमास के बीच जो युद्ध विराम समझौता हुआ है उसे देखकर ऐसा लगता है कि गाजा में इजरायली सेना केवल तबाही मचाने के अतिरिक्त और कुछ हासिल नहीं कर पाई. आईडीएफ के हमलों में गाजा एक खंडहर में बदल गया. उसके बावजूद आईडीएफ गाजा से हमास को हिला नहीं पाई. अब जब युद्ध विराम समझौते के अनुसार इजरायली बंधकों कि रिहाई हो रही है तो इसके एवज में एक एक शख्स के बदले सौ-सौ फिलिस्तिनियों को रिहा करना पड़ रहा है.
यहां तक की युद्ध विराम समझौते की हर शर्त हमास के हिसाब से तय हुई और इजरायल इन शर्तों को मानने के लिए विवश है. इन समझौते के बल पर हमास अपने खूंखार कमांडरों को इजरायल से रिहा करवा रहा है, जो वर्षों से कारावास में बंद हैं. इनका बाहर आना इजरायल के लिए आने वाले समय में बड़ी मुसीबल भी ला सकता है. इजरायल की कारावास से अल अक्सा बिग्रेड का कमांडर जकारिया जुबैदी भी रिहा हो गया है. जुबैदी जब वेस्ट बैंक पहुंचा तो उसका स्वागत इतने बल शोर से हुआ जिसे देखकर इजरायल के भी होश उड़ गए.
एक तरफ इजरायल और हमास के बीच युद्ध विराम चल रहा है वहीं दूसरी तरफ इज़रायली रक्षा बलों (आईडीएफ) का ऑपरेशन भी जारी है. अब समाचार है कि वेस्ट बैंक में जेनिन शरणार्थी शिविर पर एक साथ हमले में 23 संरचनाओं को ध्वस्त कर दिया गया. आईडीएफ ने बोला कि नष्ट की गई इमारतों में आतंकी बुनियादी ढांचे शामिल थे, जिनमें विस्फोटक और हथियार प्रयोगशालाएं, हथियार भंडार, अवलोकन चौकियां और अतिरिक्त आतंकी बुनियादी ढांचे शामिल थे. फिलिस्तीनी राष्ट्रीय प्राधिकरण (पीएनए) द्वारा संचालित वफ़ा समाचार एजेंसी ने बोला कि कम से कम 20 घरों को आईडीएफ की तरफ से नष्ट किया गया है.
वफ़ा ने कहा कि जेनिन गवर्नरेट हॉस्पिटल के कुछ हिस्सों को भी विस्फोटों से हानि हुआ है. हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है. आईडीएफ द्वारा जारी फुटेज में रविवार को जेनिन शरणार्थी शिविर में विस्फोट और धुएं का गुबार दिखाई दे रहा है. फिलिस्तीन राज्य और पीएनए के अध्यक्ष महमूद अब्बास ने फिलिस्तीनी लोगों के विरुद्ध चल रही इजरायली आक्रामकता को रोकने के लिए संयुक्त देश सुरक्षा परिषद के एक तुरन्त और इमरजेंसी सत्र का आह्वान किया है.